What is the best exercise for upper back pain: देश के डिजिटलाइजेशन होने के कारण शहर-शहर स्क्रीन जॉब बढ़ी हैं. घंटों-घंटो लैपटॉप-सिस्टम के सामने बैठे रहने के कारण शरीर में अकड़न जैसी समस्याएं देखी जाती है. वहीं एक स्थिति में स्क्रीन के सामने बैठे रहने से पीठ-कमर और शरीर का ऊपरी हिस्सा अकड़ा रहता है. इसलिए कई लोग पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द की समस्या की शिकायत करते हैं.
वहीं अगर आप भी लंबे समय तक डेस्क जॉब या फिर स्क्रीन जॉब करते हैं तो कुछ योगासन की मदद से दर्द में राहत पा सकते हैं. शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द की समस्या में राहत पाने के लिए 8 प्रभावी योगासन हैं जो दर्द में रहात दिलाने में मदद करेंगे.
ऊपरी पीठ के दर्द को कम करने के लिए 8 प्रभावी योगासन
- स्कंध चक्र (Shoulder Rotation)
- द्विकोणासन
- त्रिकोणासन
- गोमुखासन
- पश्चिमोत्तानासन
- भुजंगासन
- धनुरासन
- मार्जरीआसन (कैट-काउ पोज)
ये योगासन कंधों और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, मांसपेशियों का तनाव कम करने और शरीर की सही मुद्रा (Posture) बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, यदि दर्द बहुत ज्यादा हो या पुराना हो, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी लेनी चाहिए.
योगासन करने का सही तरीका
स्कंध चक्र (Skandha Chakra)
स्कंध चक्र योगासन करने के लिए आप किसी भी आरामदायक मुद्रा में आ जाएं. इसके बाद अपने होथों की उंगलियों को अपने कंधों पर रखें. अब दोनों हाथों को गोल-गोल आगे की तरफ और पीछे की तरफ घुमाएं. अपनी स्थिति के अनुसार जितनी देर हो सकता है घुमाएं. स्कंध चक्र (Skandha Chakra) योग करने से कंधों के जोड़ों (Shoulder socket) में हो रहे दर्द से राहत मिलेगा.
द्विकोणासन
द्विकोणासन खड़े होकर किए जाने वाला योगासन हैं. अपने दोनों पैरों को कुछ दूरी पर रखें और सीधे खड़ें हो जाएं. अपने दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं और हाथों को आपस में पकड़ लें. धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए, कूल्हों से आगे की ओर झुकें और सांस भरते हुए, अपने बंधे हुए हाथों को जितना हो सके ऊपर की ओर उठाएं. अपनी क्षमता के अनुसार करें. सांस लेते हुए धीरे-धीरे सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को वापस नीचे ले आएं. ये योगासन खड़े होकर किया जाने वाला आगे की ओर झुकने वाला योगासन है. यह आसन कंधों, छाती और पीठ के ऊपरी हिस्से के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है.
त्रिकोणासन (Triangle Pose)
त्रिकोणासन करने के लिए कुछ दूरी पर पैर फैलाकर सीधे खड़ो ह जाएं. अब अपने एक पैर को 90 डिग्री दाईं ओर घुमाएं. सांस छोड़ते हुए एक पैर की तरफ झुकें. और एक हाथ को जमीन या पैर पर रखें, दूसरे हाथ को ऊपर की ओर सीधा रखें. अपनी गर्दन ऊपर करके जो हाथ ऊपर की तरफ है उसकी उंगलियों को देखें. इसे आसन को बारी-बारी दोहराएं. ये आसन रीढ़, जांघों, और कूल्हों की मांसपेशियों को खींचकर उनके लचीलेपन बनाने में मदद करता है.
गोमुखासन (Cow Face Pose)
गोमुखासन जिसे अंग्रेजी में काउ फेस पोज़ भी कहा जाता है. इस आसन को करने से पहले पैरों को क्रॉस करके बैठें, हाथों को पीछे ले जाकर आपस में लॉक करें, और सांस सामान्य रखते हुए इस मुद्रा में कुछ देर रुकें. इस आसन को करने के लिए हाथ और पैरों की मुद्रा का ध्यान में रखना जरूरी है. इसे आप बारी-बारी दोहरा सकते हैं. वहीं रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधा करके बैठें. इस आसन के करने से कंधे, कूल्हे, छाती और रीढ़ की हड्डी में हो रहे दर्द में आराम मिलता है.
पैरों की मुद्रा: दंडासन में बैठ जाएं. बाएं पैर को मोड़ें और उसकी एड़ी को दाईं नितंब (Hip) के पास रखें. अब दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर इस तरह रखें कि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर आ जाएं. ऊपर वाले पैर की एड़ी दूसरे कूल्हे के पास होनी चाहिए.
हाथों की मुद्रा: जो पैर ऊपर (दायां) है, उसी हाथ (दाएं) को ऊपर उठाएं, कोहनी से मोड़ें और पीठ के पीछे ले जाएं.अब बाएं हाथ को पीछे से घुमाते हुए ऊपर ले जाएं और दोनों हाथों की उंगलियों को पीठ के पीछे आपस में मजबूती से पकड़ लें.
पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)
पश्चिमोत्तानासन बैठकर आगे झुकने वाला (सीटेड फॉरवर्ड बेंड) आसन है. इस आसन के करने से पीठ में हो रहे दर्द से राहत मिलता है. इस आसन में शरीर के पिछले हिस्से में ह्लका खिंचाव महसूस होता जिससे रीढ़ की हड्डी में फ्लेक्सिबिलिटी आती है. इसे करने के लिए पैरों को सामने फैलाकर बैठें जाएं, गहरी सांस लें, हाथों को ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए कमर से आगे झुकें. अपने पैर के अंगूठों को हाथों से पकड़ें और माथे को घुटनों से लगाएं. अपनी सुविधा के अनुसार करें.
भुजंगासन (Bhujangasana)
भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएं, अपनी हथेलियों को जमीन पर रखें. धीरे-धीरे सांस भरते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं, और ऊपर की तरफ देखें. इस आसन को ‘कोबरा पोज़’ भी कहा जाता है, पेट के बल लेटकर किया जाने वाला योग आसान है.
धनुरासन (Bow Pose)
धनुरासन करने से शरीर की अकड़न-जकड़न दूर करने में सबसे मददगार योगासन हैं. इसके करने से रीढ़ की हड्डी में फ्लेक्सिबिलिटी आती है, पाचन क्रिया सुधरती है. साथ ही पेट और जांघों की चर्बी कम होती है. धनुरासन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं. घुटनों को मोड़कर हाथों से टखनों को कसकर पकड़ें. अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए छाती व जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं, शरीर को धनुष के आकार में खींचें. जितनी देर इस स्थिति में रह सकते हैं अपनी सुविधा के अनुसार रहें.
मार्जरी आसन (Marjariasana)
मार्जरी आसन (Marjariasana) जिसे अक्सर कैट-काऊ पोज (Cat-Cow Pose) भी कहा जाता है. इसे करने के लिए अपने हाथों और घुटनों के बल ‘टेबल-टॉप’ (मेज जैसी) मुद्रा में आएं. धीरे-धीरे सांस लेते हुए पेट को नीचे झुकाएं और गर्दन ऊपर उठाएं (काउ पोज) की स्थिति में आएं. फिर सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और ठुड्डी को छाती से लगाएं. अपनी सुविधा के अनुसार करें.
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सवाल: योग करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब: सभी आसन सही तकनीक से करें, शरीर पर जरूरत से ज्यादा जोर न डालें. अगर दर्द बहुत तेज हो, चोट लगी हो या समस्या लंबे समय से बनी हुई हो, तो पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लें.
सवाल: ऊपरी पीठ के दर्द में कौन-से योगासन फायदेमंद हैं?
जवाब: स्कंध चक्र, द्विकोणासन, त्रिकोणासन, गोमुखासन, पश्चिमोत्तानासन, भुजंगासन, धनुरासन और मार्जरीआसन नियमित करने से ऊपरी पीठ की मांसपेशियां मजबूत और लचीली बन सकती हैं.
सवाल: योग करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब: सभी आसन सही तकनीक से करें, शरीर पर जरूरत से ज्यादा जोर न डालें। अगर दर्द बहुत तेज हो, चोट लगी हो या समस्या लंबे समय से बनी हुई हो, तो पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लें.
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