Jaspal Rana Death Cause: खेल जगत से एक दुखभरी खबर सामने आई है. दरअसल भारत के पूर्व दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन हो गया है. जानकारी है कि उनका निधन नई दिल्ली में इलाज के दौरान हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जसपाल राणा हार्ट अटैक का शिकार हुे थे. हालांकि उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करवाया गया था.
जानकारी है कि जिस समय उनकी तबियत खराब हुई उस दौरान वो म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से भारतीय टीम के साथ लौट रहे थे. उसी दौरान उनकी तबियत खराब हो गई थी. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था. उस समय भी उनकी हालत काफी गंभीर थी. जानकारी है कि उन्हें 3 दिन पहले हार्ट अटैक भी आया था. जिससे सफर के दौरान भी सीने में लगातार दर्द बना हुआ था. ऐसे में अक्यूट हार्ट अटैक से इंशियल रिकवरी के बाद सोते हुए कार्डियाक रप्चर होने से उनकी जान चली गई.
हालत में सुधार फिर भी हुई मौत
रिपोर्ट्स बताती हैं कि उन्हें हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया था. उनकी एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग हो चुकी थी. जानकारी थी कि उनकी हालत में सुधार आ रहा था. जिसके बाद उन्हें छुट्टी (डिस्चार्ज) देने की तैयारी चल रही थी. लेकिन उसी दौरान एक गंभीर कार्डियक अरेस्ट ने उनकी जान ले ली. इस घटना ने तमाम सवाल पैदा कर दिए हैं. जैसे अगर ब्लॉकेज को खोलकर स्टेंट लगा दिए गए थे. इसके बाद कैसे खतरा बन गया, आइए इसके बारे में समझते हैं.
दिल की धमनी में रुकावट
कुछ भी जानने से पहले ये जानना जरूरी होता है कि हार्ट अटैक की कंडिशन तब होती है जब दिल की किसी भी धमनी में रुकावट पैदा होती है. जिसके कारण दिल की मसल्स तक खून नहीं पहुंच पाता खून पहुंचना बंद हो जाता है. अब एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग की मदद से इसी रास्ते को खोला जाता है. लेकिन अगर मरीज देर से अस्पताल तक पहुंचता है, जो कई बार कई मामलों में हो भी जाता है, तो ये दिल की मसल्स में काफी नुकसान पहुंचा देता है. यानी नस खुल भी जाए तो भी उसमें पहले जैसी ताकत नहीं हो पाती. जिसके कारण वो पहले जैसे काम ही नहीं कर पाता. नतीजा क्या होता है कि ऐसे मामलों में कई मरीजों का हार्ट फेल हो जाता है या फिर दिल की पंपिंग पावर कम होने की समस्या हो जाती है.
कार्डियक रप्चर के कारण गई जान
जब हार्ट अटैक का ट्रीटमेंट तुरंत न किया जाए तो मरीज कार्डियक रप्चर का शिकार हो सकते हैं. कार्डियक रप्चर की कंडिशन इतनी गंभीर होती है कि इससे तुरंत ही जान जा सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डॉक्टरों का कहना है जसपाल की हालत तो अच्छी हो गई थी वो घर जा सकते थे. लेकिन नींद में अचाकन कार्डियाक रप्चर हुआ. जिसके कारण उनकी जान चली गई.
कार्डियाक रप्चर क्या होता है?
कार्डियाक रप्चर का दूसरा नाम हार्ट रप्चर होता है. इसे आप ऐसे समझे कि दिल की दीवारों और मसल्स जब फट जाए, अलग हो जाए जो हार्ट अटैक से जुड़ी कॉम्पलिकेशन है. हार्ट अटैक आने के बाद ही हार्ट रप्चर का खतरा तुरंत बाद, एक महीने बाद या फिर सडन हार्ट अटैक भी हो जाता है.
क्यों होता है ऐसा? तो इसका जवाब सिर्फ इतना ही है कि जब हार्ट अटैक आता है तो दिल के कमजोर और डैमेज टिशू दम तोड़ देते हैं. जो अंद्रूनी ब्लीडिंग का कारण बनता है. रप्चर्ड हार्ट कार्डियाक अरेस्ट का कारण बनता है जिससे तुरंत जान जा सकती है. लेकिन, अगर इसका तुरंत पता लगा लिया जाए तो सर्जरी से जान बचाई जा सकती है. इसमें ज्यादातर ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है जिसमें दिल जहां से डैमेज हुआ है या रप्चर हुआ है वहां टांके लगाए जाते हैं.
कार्डियाक रप्चर के लक्षण होते हैं
- सीने में अचानक से दर्द होना
- सांस का रुक जाना
- मरीज बेहोश हो सकता है
- स्किन ठंडी पड़ने लगती है
- दिल की धड़कन बढ़ जाती है
- और ब्लड प्रेशर शॉक के चलते गिर सकता है.
यह भी पढ़ें: हर साल 10 हजार से भी अधिक बच्चे इस बीमारी के साथ लेते जन्म, जानें वजह और बचाव के तरीके
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

