What is Hantavirus: कोरोना के बाद एक बार फिर से एक वायरस की खूब चर्चा हो रही है. इस वायरस का नाम है हंतावायरस (Hantavirus). दरअसल क्रूज शिप्स से जुड़े इसे लेकर कुछ मामले सामने आए हैं. जिसके कारण इसकी खूब चर्चा हो रही है और ये वायरस सुर्खियों में शुमार हुआ. ये क्या है और आखिर इससे क्या होता है तमाम सवाल लोगों के मन में है.
अगर आप भी इसका जवाब खोज रहे हैं, तो ये जानकारी आपके काफी काम आने वाली है. दरअसल हंतावायरस कोई आम बीमारी नहीं है. ये एक ऐसा वायरस है जो चूहों के संपर्क से फैलता है. साथ ही अगर इसका समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये और भी गंभीर हो सकता है. जानकारी मिली की अब तक इससे 3 लोगों की मौत हो गई. सवाल ये कि आखिर क्रूज शिप्स का क्यों जिक्र किया जा रहा है, तो चलिए जानते हैं.
क्रूज शिप्स का क्यों हो रहा जिक्र?
दरअसल ये वायरस का खतरा बंद जगहों पर रहने से अधिक फैलता है. यही वजह है कि क्रूज शिप्स का भी जिक्र इसमें आ रहा है. हालांकि ये जरूरी है कि इससे घबराया न जाए और इसे लेकर सही जानकारी अपनाई जाए. हालांकि हंता एक दुर्लभ बीमारी है. खासतौर पर ये चूहों या फिर छोटे जानवरों से इंसानों में फैलती है.
जिस जगह पर अधिक चूहें होंगे और चूहे उसी जगह पर पॉटी या फिर पेशाब करेंगे. अधिक समय तक रहने से वो धूल बन जाता है. उसी के संक्रमण में रहने से खतरा अधिक बढ़ जाता है. क्योंकि उस जगह की सफाई करते समय जब धूल हवा में जाती है तो व्यक्ति में खतरा फैल जाता है. इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन जगहों पर कम साफ-सफाई होती है वहां जोखिम अधिक होता है.
क्रूज-शिप्स को लेकर चिंता क्यों
क्रूज-शिप्स ये कुछ ऐसी जगहें हैं जहां स्टोर रूम होता है. साथ ही इन स्टोर रूम्स का इस्तेमाल भी काफी कम होता है. जगह भी इतनी छोटी होती है कि रोजाना साफ-सफाई कर पाना मुश्किल होता जाता है. जिस कारण चूहे अधिक हो जाते हैं और उनसे फैलने वाली ये बीमारी का संक्रमण अधिक हो जाता है.
सामान्य लक्षण इग्नोर कर देते लोग
हंता वायरस के शुरुआती लक्षण काफी साधारण लगते हैं. नतीजा लोग इन्हें इग्नोर कर देते हैं. इनके लक्षण होते हैंः
- हल्का बुखार
- शरीर में दर्द
- सिरदर्द या कमजोरी.
ये लक्षण गंभीर नहीं होते जिस कारण लोग इसे इग्नोर कर देते हैं. लेकिन अधिक समय तक लक्षणों को इग्नोर करना गंभीर हो सकता है. सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों से जुड़ी परेशानी हो सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि इसकी समय पर पहचान करना बहुत जरूरी हो जाता है.
कितना गंभीर हंतावायरस डरने की जरूरत?
इस वायरस के फिलहाल अधिक मामले नहीं है क्योंकि ये दुर्लभ बीमारी है. लेकिन जब बीमारी गंभीर होना शुरू होती है तो कंडिशन और भी स्ट्रेसफुल साबित हो सकती है. जानकारी के मुताबिक फेफड़े, किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है. मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ मामलों में ये तेजी से बिगड़ भी सकता है. इसलिए अगर लक्षण दिखाई दे तो त्वरित डॉक्टर से जांच करवाएं.
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