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डिमेंशिया को रोका जा सकता है! WHO ने बीमारी को रोकने के लिए दिए बड़े सुझाव

WHO Dementia Guidelines: WHO की नई गाइडलाइन के अनुसार सही लाइफस्टाइल अपनाकर डिमेंशिया का खतरा 45% तक कम किया जा सकता है. जानें डिमेंशिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय.

WHO Dementia Guidelines: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है उसके साथ कई परेशानियां भी दस्तक देती है. इसमें सबसे आम परेशानी है कमजोर याददाश्त. बढ़ती हुई उम्र के साथ लोगों को ये समस्या होने लगती है. हालांकि अगर आप घर का सामान रखकर भूल गए तो ये काफी नॉर्मल माना जाता है. लेकिन अगर समस्या बढ़ने लगे तो ये डिमेंशिया का संकेत हो सकता है.

अब इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगंठन WHO ने नई गाइडलाइंस जारी की है. इस गाइलाइंस के अनुसार अगर आप एक सही लाइफस्टाइल अच्छे लाइफस्टाइल को फॉलो करते हैं, तो डिमेंशिया के खतरे को 45 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं. ये रिसर्च जरूरी भी हो जाती है क्योंकि करोड़ों लोग इसका शिकार होते हैं.

क्या होता है डिमेंशिया? | What Is Dementia

सबसे पहले जान लेते हैं कि डिमेंशिया होता क्या होता है? (What Is Dementia) तो ये कोई बीमारी नहीं होती बल्कि दिमाग से जुड़ी हुई कई बीमारियों का ग्रुप होती है. जिसमें व्यक्ति की याददाश्त कमजोर हो जाती है, उसके सोचने, समझने की पावर कम हो जाती है. डिसीजन लेने की पावर कम हो जाती है. डेली लाइफ के काम करने में दिक्कत होने लगती है. आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो आंकड़े बताते हैं दुनियाभर में 5.7 करोड़ लोग या फिर उससे ज्यादा लोग डिमेंशिया का शिकार हैं. हर साल 1 करोड़ नए मामले इसके सामने आते हैं. डिमेंशिया के लगभग 60 से 70 फीसदी मामलों में अल्जाइमर (Alzheimer’s Disease) जिम्मेदार होती है.

क्या डिमेंशिया का इलाज है?

अगर इसके इलाज की बात की जाए तो फिलहाल डिमेंशिया का कोई पूरी तरह इलाज नहीं है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसके कई जोखिमों को कम किया जा सकता है, WHO के अनुसार, करीब 45% मामलों को सही जीवनशैली अपनाकर टाला या देर से होने दिया जा सकता है.

किन वजहों से बढ़ता है डिमेंशिया का खतरा?

WHO के मुताबिक ये आदतें और स्थितियां डिमेंशिया का खतरा बढ़ा सकती हैं:

  • धूम्रपान करना
  • जरूरत से ज्यादा शराब पीना
  • शारीरिक गतिविधि की कमी
  • लोगों से अलग-थलग रहना
  • वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • डायबिटीज
  • हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां


WHO ने क्या सलाह दी है?

नई गाइडलाइन में दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान लेकिन असरदार सुझाव दिए गए हैं जैसेः

नियमित एक्सरसाइज करेंः रोजाना शारीरिक गतिविधि करने से शरीर के साथ-साथ दिमाग भी स्वस्थ रहता है.

धूम्रपान और शराब से दूरी रखेंः तंबाकू और अधिक शराब का सेवन दिमाग की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है.

हेल्दी डाइट लेंः संतुलित और पौष्टिक भोजन दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करता है.

दिमाग को एक्टिव रखेंः नई चीजें सीखना, किताबें पढ़ना, पहेलियां हल करना और दिमागी गतिविधियों में हिस्सा लेना फायदेमंद हो सकता है.

लोगों से जुड़े रहेंः परिवार, दोस्तों और समाज के साथ समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है.

प्रदूषण से बचेंः जहां तक संभव हो, वायु प्रदूषण के संपर्क को कम करने की कोशिश करें.

ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखेंः इन बीमारियों को समय पर नियंत्रित करने से डिमेंशिया का खतरा भी कम हो सकता है.

जरूरत हो तो हियरिंग एड का इस्तेमाल करेंः अगर सुनने में दिक्कत है तो डॉक्टर की सलाह से हियरिंग एड का इस्तेमाल करना भी मददगार हो सकता है.

डिमेंशिया का असर सिर्फ मरीज पर नहीं पड़ता

डिमेंशिया केवल याददाश्त की बीमारी नहीं है. यह व्यक्ति की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास, नौकरी करने की क्षमता और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है. इसके साथ ही परिवार और देखभाल करने वालों पर भी मानसिक, शारीरिक और आर्थिक बोझ बढ़ जाता है. WHO के अनुसार, डिमेंशिया की वजह से दुनिया को हर साल करीब 1.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान होता है. इस खर्च का बड़ा हिस्सा परिवार और करीबी लोगों द्वारा बिना किसी भुगतान के की जाने वाली देखभाल पर खर्च होता है.

यह भी पढ़ें: बाहर से खरीदकर पीते है संतरे का जूस? तो जाएं सावधान! हो सकता कैंसर… नई रिसर्च में खुलासा

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
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