5 Minute Exercise Benefits: पहाड़ों की लाइफ किसे नहीं अट्रैक्ट करती. खासतौर पर वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य की भी खूब चर्चा होती है. खुद लोग ही अपनी जुबान से कहते हैं कि ‘लंबी उम्र चाहिए तो पहाड़ों पर रहो’. इसके पीछे का कारण है वहां का साफ वातावरण. अधिक श्रम यानी फिजिकल एक्टीविटी करना. इस तरह वहां के लोग लंबी उम्र जी जाते हैं.
अब आप सोचेंगे कि शहरों में ऐसा पॉसिबल नहीं है, तो हम कहेंगे कि ये सोच गलत है. क्योंकि आप अपनी डेली लाइफ में थोड़ी-थोड़ी फिजिकल एक्टीविटी को जोड़ते हुए लंबे समय तक हेल्दी रह सकते हैं. फिर वो शहर हो या फिर पहाड़ी इलाकें. क्योंकि अगर शरीर फिट रहेगा तो असमय मृत्यु होने का खतरा भी काफी हद तक घटेगा. इस बात का प्रमाण भी द लैंसेट की एक रिपोर्ट में दिया गया है.
हर पांच मिनट कसरत रोक सकती मृत्यु?
दरअसल द लेंसेट में एक रिसर्च पब्लिश हुई. जिसमें ये क्लेम किया गया कि यदि कोई व्यक्ति अपनी डेली लाइफस्टाइल में किसी भी तरह की कसरत को जोड़ता है, वो भी अधिक समय के लिए नहीं सिर्फ पांच मिनट के लिए, तो दस में से करीब एक मृत्यु को रोका जा सकता है. ये कसरत किसी भी रूप में हो सकती है. चाहे आप पांच मिनट तेज स्पीड में टहलें, साइकिल चलाएं, सीढियां चढ़ना. सिर्फ पांच मिनट की गई ऐसी एक्सरसाइज आपको हेल्दी रख सकती हैं और कई लाभ मिल सकते हैं. ‘इसलिए थोड़ी-थोड़ी पिया नहीं एक्सरसाइज किया करो’.
एक्सपर्ट्स ने दी थी ये सलाह
अब कुछ लोग कहेंगे कि उन्होंने किसी से कहते सुना था कि फिट रहना है तो इंटेंस.. इंटेंस वर्कआउट से रिजल्ट मिलेगा. लेकिन ऐसा नहीं हैं. क्योंकि एक्सपर्ट्स भी ऐसा मानते हैं कि शरीर को फिट रखने के लिए इंटेंस वर्कआउट जरूरी नहीं है. सिर्फ जरूरत है तो बस इतनी कि आप धीरे-धीरे ही एक्सरसाइज को रूटीन में लाएं. लेकिन ये भी मानना गलत होगा कि आप सिर्फ पांच मिनट पर अटकें रहें. क्योंकि कुछ लोग ये सुनकर कहेंगे कि हमने सुना था सिर्फ पांच मिनट एक्सरसाइज करो और आप बिल्कुल फिट हो जाओगे. नहीं ऐसा नहीं है. ये सिर्फ इस बात का उदहारण है कि समथिंग इस बेटर देन नथिंग कुछ न करने से अच्छा आप खुद पर ध्यान तो दे ही रहें हैं. इसलिए पांच मिनट से शुरुआत करें. हालांकि रिसर्च में ये भी बात सामने आई है कि ये पांच मिनट की कसरत वाला फॉर्मुला उन लोगों के लिए काम नहीं आने वाला जो पहले से ही एक्टिव रहते हैं.
रिसर्च में लिया गए इतने लोगों का डेटा
वहीं इस रिसर्च के अंदर ब्रिटेन, अमेरिका यहां तक की स्कैंडिनेविया के 1, 50, 000 अडल्ट्स के डेटा को इस्तेमाल में लिया गया. इसके बाद उन्हें एनालाइज किया गया. इसपर रिसर्चर ने सलाह दी कि WHO की उस अपील का पालन युवाओं को करना चाहिए. जिसमें कहा गया है कि हर हफ्ते 150 मिनट मीडियम स्पीड वाली एक्सरसाइज करें. WHO की ओर से युवाओं को टारगेट दिया गया है. पर हर किसी के लिए जिम जाना, या फिर किसी स्पोर्ट्स क्लब से जुड़ जाना संभव नहीं हो पाता है. ऐसे लोग अपने रूटीन में थोड़ा सा चल फिरकर इसका लाभ उठा सकते हैं.
यह भी पढ़ें: कैंसर मरीजों के लिए वरदान बन सकती हैं Ozempic और Wegovy? नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

