Herbs For Lungs Health: दिनों-दिन प्रदूषण बढ़ रहा है. ये प्रदूषण हमारी लंग हेल्थ के लिए हानिकारक होता है. सांस के जरिए हवा में मौजूद छोट-छोट कण हमारे फेफड़ों में जमा हो जाते हैं, जिससे कई तरह की समस्या पैदा होती है. लेकिन कुछ खास प्रकार की जड़ी-बूटियां हमारे फेफड़ों में मौजूद जहरीले कण को कम करने में मदद कर सकती है.
बता दें कि प्रदूषण में मौजूद सूक्ष्म कण (जैसे (PM2.5)) और जहरीली गैसें फेफड़ों में जमा होकर शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती है. ये कण सांस की नली में सूजन, जलन और बलगम जैसी समस्या करने लगती है. ऐसे में फेफड़ों की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचता है. अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां बढ़ाती है.
ये जड़ी-बूटियां कम करेंगी जहरीले कण
बहेड़ा
अगर प्रदूषण की वजह से आपका सांस लेना भी दूभर हो गया है तो आप बहेड़ा का सेवन कर सकते हैं. इसके सेवन से आपको फेफड़ों में जमा गंदगी बाहर निकलेगी और फेफड़ों की सेहत सुधरेगी. इसका सेवन करने के लिए बेहड़ा का चूर्ण लें. इसे आप गर्म पानी के साथ ले सकते हैं. खाली पेट या रात में लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. बस ध्यान रहे कि अधिक मात्रा में न लें, वरना पेट खराब हो सकता है बीमारी हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
दालचीनी
दालचीनी का सेवन भी शरीर से गंदगी निकालने में काम आता है. इम्यूनिटी बढ़ाता है, सांस संबंधी समस्या को कम करने में मदद करता है. आप इसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. दालचीनी का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं. दालचीनी के पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लें, या फिर सुबह दालचीनी पाउडर को आप शहद के साथ भी ले सकते हैं.
तुलसी की पत्तियां
फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए तुलसी की पत्तियां का सेवन भी लाभदायक माना जाता है. तुलसी की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो वायरल इंफेक्शन, इम्यूनिटी बूस्टू करने में मदद करती हैं. साथ ही ये फेफड़ों, गले और नाक की परेशानियों को भी दूर करती हैं. इसे आप खाली पेट चबा सकते हैं. इसके अलावा आप इसका काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं.
प्रदूषण की वजह से होने वाली समस्याएं
- सांस लेने में कठिनाई
- अस्थमा का बढ़ना या नए अटैक आना
- ब्रोंकाइटिस (फेफड़ों की नलियों में सूजन)
- बार-बार खांसी और बलगम
- फेफड़ों में संक्रमण
- ऑक्सीजन लेने की क्षमता कम होना
- लंबे समय में COPD जैसी गंभीर बीमारी का खतरा
- फेफड़ों की कार्यक्षमता कमजोर होना
बचाव के आसान तरीके
- बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनना
- सुबह-शाम के ज्यादा प्रदूषण समय में बाहर कम निकलना
- घर में एयर प्यूरीफायर या पौधे रखना (सीमित मदद)
- नियमित पानी पीना और फेफड़ों की एक्सरसाइज़ (प्राणायाम/डीप ब्रीदिंग)
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FAQs
सवाल: खांसी और गले की समस्या में कौन-सी जड़ी-बूटी राहत देती है?
जवाब: मुलेठी (Licorice) गले को आराम देने और खांसी को शांत करने के लिए जानी जाती है. यह श्वसन तंत्र को सॉफ्ट रखती है और जलन कम करने में मदद कर सकती है.
सवाल: क्या फेफड़ों की सफाई के लिए कोई और आयुर्वेदिक उपाय है?
जवाब: हाँ, गिलोय शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और टॉक्सिन्स को कम करने में सहायक माना जाता है. प्रदूषण के कारण होने वाली सूजन और थकान में यह उपयोगी हो सकता है.
सवाल: प्रदूषण से फेफड़ों को बचाने के लिए कौन-सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी सबसे उपयोगी है?
जवाब:प्रदूषण के असर को कम करने के लिए तुलसी बहुत उपयोगी मानी जाती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सांस की नली को साफ रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. रोज़ तुलसी की चाय या पत्ते लेना फायदेमंद हो सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

