ABHA Linked 90 Crore Accounts: भारत सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. देशभर में अब तक 90 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए जा चुके हैं. यह भारत के डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
ABHA एक 14 अंकों की यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी है. इसकी मदद से लोग अपने मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन जोड़ सकते हैं, देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों के साथ अपनी अनुमति से साझा भी कर सकते हैं. ABHA अकाउंट बनाने की संख्या लगातार बढ़ रही है. साल 2021 में जहां केवल 14.7 करोड़ ABHA बने थे, वहीं 2022 में यह संख्या बढ़कर 30.4 करोड़, 2023 में 50.6 करोड़, 2024 में 72.2 करोड़ और 2025 में 84.5 करोड़ पहुंच गई। अब 2026 में यह आंकड़ा 90 करोड़ के पार हो गया है.
90 करोड़ से अदिक ABHA बनाए गए
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि 90 करोड़ से अधिक ABHA बनने से यह साबित होता है कि देश के नागरिक, राज्य सरकारें और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े साझेदार डिजिटल हेल्थ मिशन को तेजी से अपना रहे हैं. इससे लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित और आसान तरीके से उपलब्ध हो सकेंगे.
कौन सा राज्य सबसे आगे है
राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जहां 15.3 करोड़ से अधिक ABHA बनाए गए हैं. इसके बाद राजस्थान और महाराष्ट्र में 7.1-7.1 करोड़, बिहार में 6.3 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 5.9 करोड़ ABHA बनाए गए हैं. कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने लगभग पूरी आबादी को ABHA से जोड़ दिया है. अंडमान-निकोबार, लद्दाख, लक्षद्वीप और दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव पूरी तरह संतृप्त हो चुके हैं. वहीं आंध्र प्रदेश में 98.5%, ओडिशा में 91.9%, चंडीगढ़ में 90.8% और राजस्थान में 89.7% लोगों के ABHA बन चुके हैं.
महिलाओं की भागीदारी अच्छी रही
महिलाओं की भागीदारी भी इस अभियान में काफी अच्छी रही है. कुल ABHA धारकों में लगभग 49.75 प्रतिशत महिलाएं हैं. इससे महिलाओं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक डिजिटल पहुंच मिल रही है. सरकार के अनुसार, ABHA की मदद से लोगों को मेडिकल रिपोर्ट और अन्य स्वास्थ्य दस्तावेज साथ लेकर चलने की जरूरत कम होगी. मरीज अपनी अनुमति से किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के साथ अपना स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से साझा कर सकेंगे, जिससे इलाज की प्रक्रिया और अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी.
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR), हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR), यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI) और नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि पूरे देश में एक मजबूत और आपस में जुड़ा हुआ डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र तैयार किया जा सके.
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