Acanthamoeba Eye Infection: आंखें हमारे शरीर के सबसे सेंसिटिव पार्ट में से एक है. इसको लेकर अगर कोई लापरवाही करे तो व्यक्ति अंधा तक हो सकता है. उन लोगों को खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए जो पहले से कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं. क्योंकि अगर छोटी सी गलती हुई तो आंखें खराब होने का खतरा बन सकता है.
दरअसल ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया जो इस बात को सिद्ध करता है कि आंखों का ध्यान रखना कितना जरूरी होता है. रिपोर्ट्स कहती है कि महिला घोड़े के अस्तबल में सफाई कर रही थी. इसी दौरान वो गंदे पानी और उसके साथ-साथ मिट्टी के भी संपर्क में आ गई. हालांकि उसी समय महिला ने आंखें धो ली थी. लेकिन कॉन्टैक्ट लेंस निकालना भूल गई.
कुछ दिनों बाद शुरू हुई परेशानी
क्योंकि महिला ने कॉन्टैक्ट लेंस नहीं निकाला था. जिससे उसकी परेशानी बढ़ गई, दर्द होने लगा, धुंधला दिखने लगा. इस तरह की समस्या होने लगी. जब जांच की गई तो पता चला कि महिला की आंख में एकेन्थ-अमीबा Acanthamoeba का खतरनाक पैरासाइट यानी एक कीड़ा उनकी आंख में चला गया था. नतीजा क्या हुआ? महिला की आंखों की रोशनी प्रभावतित हो गई और उसे फ्यूचर में अब कॉर्निया ट्रांसप्लांट करवाने की भी जरूरत पड़ सकती है. इसलिए जानते हैं कि आखिर ये कौन सा पैरासाइट क्या है? आंखों को कैसे नुकसान पहुंचाता है और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
अकेन्थअमीबा (Acanthamoeba) क्या होता है?
पहले जान लेते हैं कि आखिर अकेन्थअमीबा क्या होता है. इसका जवाब है कि ये एक छोटा पैरासाइट यानी एक कीड़ा है. ये कीड़ा मिट्टी, धूल, झील, नदी, नल के पानी या फिर दूसरे गंदे पानी में पाया जाता है. अगर ये कीड़ा आंखों में पहुंच जाए गलती से भी तो ये सबसे पहले कार्निया पर असर डालता है. इसका संक्रमण जब कार्निया में फैलता है, तो इस कंडिशन को कहा जाता है अकेन्थअमीबा केराटाइटिस. उन लोगों को ये बीमारी अक्सर होती है जो कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं.
ऐसे होते हैं लक्षण
अब लक्षण जान लेना इसलिए जरूरी हो जाता है कि अगर कोई व्यक्ति इस कंडिशन का शिकार हो तो उसे जानकारी हो. शुरुआत में आंखें लाल हो जाती है, दर्द या फिर धुंधला दिखाई देता है. इस तरह की परेशानी हो सकती है. अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो संक्रमण बढ़ जात है और ये कॉर्निया तक पहुंचता है और गंभीर नुकसान पहुंचाता है. कुछ ऐसे मामले भी हैं जिसमें नजर कमजोर हो जाती हैं, आंखों की रोशनी चली जाती है. इस तरह का खतरा पैदा हो सकता है.
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