Alzheimer Medicine Launched in India: अब तक भारत में अल्जाइमर का कोई स्थायी इलाज नहीं मिल पाया. क्योंकि इसे लेकर अब तक कोई दवा नहीं है. लेकिन अब अल्जाइमर का इलाज हो पाना भी संभव होगा. दरअसल Eli Lilly and Company (India) ने भारत में अल्जाइमर की दवा को लॉन्च किया है. इस दवा का नाम है Lormalzi (donanemab). जानकारी के मुताबिक इश दवा को महीने में दो बार दिया जाएगा.
ये एक ऐसी थेरेपी होगी जो हमारे दिमाग में बनने वाले एमेलॉयड प्लाक को निशाना बनाती है. वहीं उन लोगों के लिए इस दवा को मंजूरी दे दी ग है जो अल्जाइमर या फिर हल्की याददाश्त की समस्या से परेशान हैं, या फिर डिमेंशिया के शुरुआती स्टेज में हैं. उन लोगों के लिए ये दवा काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. ऐसे में आइए जान लेते हैं इस दवा के बारे में. कितनी कीमत होगी. आइए डिटेल में इस दवा के बारे में जानकारी बताते हैं.
कितनी होगी दवा की कीमत
हैरानी होगी कि 350mg की एक vial की कीमत 91, 688 रुपये रखी गई है. हालांकि ये केवल डॉक्चर प्रिस्क्राइब्ड करेंगे तब ही मिल पाएगी. CDSCO की ओर से भी इसे मंजूरी दे दी गई है. वहीं इसपर कंपनी का कहना है कि भारत में ये पहली और ऐसी इकलौती दवाई होगी जिसे खास तौर पर अल्जाइमर के शुरुआती लक्षणों वाले मरीजों के लिए बनाया गया है.
भारत में तेजी से बढ़ रहे मामले
आपको बता दें कि भारत में डिमेंशिया के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में इस दवा की लॉन्चिंग से राहत मिली है. हालांकि बीमारी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है इसके प्रति जाग्रुकता की कमी. क्योंकि इसकी पहचान देर से होती है. साथ ही कई लोगों में इसे लेकर जाग्रुकता नहीं है. बीमारी की जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि भारत में करीब 88 लाख लोग डिमेंशिया की बीमारी से ग्रसित हैं. अधिकतर मरीज इनमें ऐसे हैं जो अल्जाइमर का शिकार हैं. ये भी अनुमान है कि अगर इसी तेजी से बीमारी बढ़ती गई तो साल 20236 ये संख्या बढ़कर लगभग दो गुनी भी हो सकती है. इसलिए सावधानी की काफी जरूरत है.
क्या दवा से ठीक होगा मरीज?
क्योंकि मार्केट में दवा लॉन्च हो चुकी है इसका मतलब ये नहीं ये पूरी तरह इलाज है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये पूरी तरह इस बीमारी का इलाज नहीं है. क्योंकि ये पुराने अल्जाइमर की डिजीज को उल्टा नहीं कर सकती. उन मरीजों को इसका अधिक फायदा होगा जो फिलहाल शुरुआती स्टेज में है. वहीं दवा का प्राइस भी काफी हाई है जो काफी परेशानी भी बन सकता है. इसके साइड इफेक्ट्स यानी कुछ जोखिम भी हो सकते हैं. इनमें सबसे बड़ी चिंता ARIA (amyloid-related imaging abnormalities) है. इसमें दिमाग में सूजन या bleeding हो सकती है, जिसकी MRI scan से निगरानी करनी पड़ती है.
यह भी पढ़ें: AIIMS दिल्ली के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति बोले- AIIMS आज पूरी दुनिया में भारत की मेडिकल ताकत का प्रतीक
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

