Amarnath Yatra 2026: 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए लाखों श्रद्धालु तैयार हैं. इस बार जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के जरिए रजिस्टर्ड यात्रियों के लिए 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर दिया है.
यह सुविधा यात्रा के दौरान होने वाले एक्सीडेंट, दुर्घटना में मौत या स्थायी विकलांगता जैसी स्थितियों के लिए है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इसे पूरी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी समझने की गलती नहीं करनी चाहिए.
क्यों जरूरी है अलग हेल्थ इंश्योरेंस?
अमरनाथ यात्रा करीब 3,900 मीटर की ऊंचाई पर होती है. यहां ऑक्सीजन कम होती है, चढ़ाई कठिन होती है और मौसम कभी भी बदल सकता है.
ऐसी स्थिति में कई लोगों को ये समस्याएं हो सकती हैं:
- हार्ट अटैक
- हाई एल्टीट्यूड सिकनेस (ऊंचाई की बीमारी)
- सांस लेने में परेशानी
- स्ट्रोक
- दूसरी मेडिकल इमरजेंसी
इन बीमारियों के इलाज, ICU, ऑक्सीजन सपोर्ट या अस्पताल में भर्ती होने का खर्च सरकारी एक्सीडेंट इंश्योरेंस में कवर नहीं होता.
सबसे बड़ा खतरा एक्सीडेंट नहीं, बीमारी
पिछले वर्षों की यात्राओं में देखा गया है कि कई मौतें सड़क हादसों या गिरने से नहीं, बल्कि हार्ट अटैक, ऊंचाई की बीमारी और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से हुई थीं. यानी यात्रा में मेडिकल इमरजेंसी का खतरा भी उतना ही गंभीर है.
यात्रा से पहले हेल्थ चेकअप जरूरी
यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है.
इस जांच में डॉक्टर यह देखते हैं कि व्यक्ति का:
- दिल ठीक है या नहीं
- फेफड़े स्वस्थ हैं या नहीं
- कोई गंभीर बीमारी तो नहीं
लेकिन फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने का मतलब यह नहीं कि यात्रा के दौरान कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी.
हेल्थ इंश्योरेंस में क्या-क्या होना चाहिए?
अगर आप अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं, तो अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में ये सुविधाएं जरूर देखें:
- इमरजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती
- हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी इमरजेंसी
- ऊंचाई की बीमारी (AMS, HAPE, HACE) का इलाज
- ICU और ऑक्सीजन थेरेपी
- एयर या रोड एम्बुलेंस
- इमरजेंसी रेस्क्यू
- स्ट्रोक का इलाज
- फ्रैक्चर और चोट का इलाज
- निमोनिया और गंभीर सांस की बीमारी
- अस्थमा अटैक का इलाज
- डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी इमरजेंसी
- नेटवर्क अस्पताल में कैशलेस इलाज
- कम से कम 10 लाख रुपये या उससे अधिक का हेल्थ कवर
क्या रखें ध्यान?
सरकारी 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस सिर्फ एक्सीडेंट से जुड़े मामलों के लिए है. अगर यात्रा के दौरान हार्ट अटैक, ऊंचाई की बीमारी या दूसरी मेडिकल इमरजेंसी हो जाती है, तो इलाज का खर्च आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर निर्भर करेगा. इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी अच्छी तरह जांच लें. सही तैयारी आपको अचानक आने वाले बड़े मेडिकल खर्च से बचा सकती है और जरूरत पड़ने पर समय पर इलाज दिलाने में मदद कर सकती है.
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