Terminal Ileitis Symptoms: हाल ही में टीवी एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन ने बड़ा खुलासा किया है. जैस्मीन दुबई पहुंची थी जिसके बाद उन्होंने बताया कि उनकी तबियत अचानक खराब हुई थी. खुलासा हुआ कि उन्हें तेज पेट दर्द और इंफेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ा था. जब एक्ट्रेस की जांच हुई तो पता चला कि उनकी छोटी आंतों में सूजन है.
छोटी आंतों में जब सूजन हो जाती है तो उसे कहा जाता है टर्मिनल इलाटिस. हालांकि इलाज के बाद एक्ट्रेस ने बताया कि उनकी तबियत में सुधार है और वो धीरे-धीरे ठीक भी हो रही हैं. जैसे ही जैस्मिन ने सोशल मीडिया पर इस जानकारी को साझा किया लोगों के मन में तमाम सवाल पैदा होने लगे कि आखिर ये बीमारी क्या होती है. अगर बीमारी गंभीर हो जाए तो क्या होता है. साथ ही इसके लक्षण क्या होते हैं. आइए डिटेल में जानते हैं.
टर्मिनल इलाटिस क्या होता है?
दरअसल हमारी छोटी आंत का जो आखिरी हिस्सा होता है. अगर इसमें सूजन आ जाए तो इस कंडिशन को कहा जाता है टर्मिनल इलाइटिस. इसपर NIH की रिसर्च भी है. जिसमें जानकारी दी गई कि ये कोई बीमारी तो नहीं है लेकिन ये इस बात का इंडिकेशन होता है कि आपकी छोटी आंत के इस हिस्से में सूजन है. हालांकि इस कंडिशन के होने के पीछे के कारण भी अलग हो सकते हैं. इसलिए हर मरीज को हो रही ये समस्या अलग हो सकती है.
क्यों होती हैं आंत में सूजन की समस्या?
अगर बात करें कि छोटी आंत में सूजन आने की क्या वजह हो सकती है, तो इसका जवाब है कि कई कारणों से ये समस्या हो सकती है. जैसे अगर किसी बैक्टीरिया या फिर वायरस से संक्रमण हुआ हो, आंत से संबंधित लंबे समय से सूजन वाली बीमारी हो, आंतों का टीबी होना, दवाओं का लंबे समय तक सेवन करना, कई गंभीर और दुलर्भ बीमारियां. इस कंडिशन की समस्या भी अलग हो सकती है.
ऐसे दिखते हैं लक्षण
अब इसके लक्षणों की अगर बात करें तो लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं. जैसे कई लोगों को पेट के दाहिने निचले हिस्से में तेज दर्द होती है, बार-बार दस्त लगना, मल में खून आना, पेट में ऐंठन या फिर मरोड़ पड़ना, भूख कम लगना, बिना कुछ किए वजन का कम होना, बुखार आना, थकान और हर समय कमजोरी होना. हालांकि अगर मरीज की हालत गंभीर हो जाए तो हालत गंभीर हो सकती है. यहां तक की अस्पताल में भी भर्ती होने की नौबत आ सकती है.
डॉक्टर कैसे करें चेक?
जब किसी व्यक्ति को ये समस्या होती है तो डॉक्टर पीड़ित को कुछ जांच करवाने की सालह देते हैं. जिसमें आंत की कैमरे से जांच की जाती है, स्टूल टेस्ट या फिर जरूरत पड़ने पर स्कैन शामिल है. इन जांचों से यह पता लगाया जाता है कि सूजन की असली वजह क्या है.
क्या इलाज हो पाता है?
क्या इस कंडिशन का इलाज हो पाता है? तो इसका जवाब है कि ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि सूजन किस कारण से हुई है. यानी अगर इंफेक्शन के कारण ये समस्या हुई होती तो डॉक्टर उसके अनुसार मेडिकेशन देते हैं. अगर कोई दूसरी बीमारी इसकी वजह है, तो उसका अलग इलाज किया जाता है. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना या बार-बार होने वाले पेट दर्द को नजरअंदाज करना सही नहीं है.
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