Ayushman Bharat Yojana: भारत सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक खास योजना शुरू की थी. जिसे आयुष्मान भारत के नाम से जाना जाता है. इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पांच लाख तक मुफ्त इलाज कराया जा रहा था. अब ऐसे में अगर आपके घर में भी 70 या फिर उससे अधिक वर्ष के बुजुर्ग हैं, तो ये सालाना पांच लाख तक मुफ्त इलाज वाली जानकारी आपके काफी काम आने वाली है.
दरअसल इस योजना के प्रोसेस को सरकार ने और भी आसान बना दिया है. यानी अब पात्रों को किसी भी सरकारी ऑफिस के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी. आप कहेंगे कि फिर मेरा कार्ड कैसे बनेगा या फिर मैं कैसे लाभ लूंगा? तो घबराइए नहीं इसी से संबंधित जानकारी आज हम आपको डिटेल में देने के लिए आए हैं.
घर बैठे कार्ड कर सकते जनरेट
जान लेते हैं कि आखिर आप कार्ड को कैसे जनरेट कर पाएंगे तो इसके लिए आपको ‘आयुष्मान ऐप’ या फिर ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा. इस जरिए आप घर बैठे ही अपना आयुष्मान कार्ड घर बैठे ही जनरेट कर सकते है. सरकार द्वारा उठाया गया ये कदम न सिर्फ बुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखता है बल्कि उनको आर्थिक सुरक्षा भी देता है. यानी गंभीर बीमारी के कारण परिवार पर किसी तरह का आर्थिक बोझ कम रहे इसलिए सरकार लोगों की मदद कर रही है. जानकारी के मुताबिक इस डिजिटल पहल से अब तक हजारों लोग अपने कार्ड बनवा चुके हैं. इन कार्ड की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की सीधे पहुंच हुई है.
स्टेप-बाय स्टेप जानें कैसे करें अप्लाई
बात करें कि खुद कार्ड को अप्लाई करने की तो यहां आपको हम स्टेप बाय स्टेप जानकारी देने वाले हैं. जिसकी मदद से आप आसानी से इसे अप्लाई कर सकते हैं. हेल्थ डिपार्टमेंट के अनुसार कोई भी लाभार्थी अब beneficiary.nha.gov.in पोर्टल या ऐप के जरिए स्वयं ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा कर सकते हैं. इसके लिए
- अपने मोबाइल फोन पर सबसे पहले प्ले स्टोर से आयुष्मान ऐप को डाउनलोड कर लें.
- ऐप डाउनलोड होने के बाद अपना मोबाइल नंबर डालें और ऐप में लॉगिन करें
- लॉगइन करने के बाद अपनी सभी डिटेल्स जैसे राज्य, जिला अपनी पहचान के लिए आधार नंबर या फिर राशन नंबर की जानकारी डालें
- अब एलिजीबिलीटी लिस्ट में अपना नाम देखें और ओटोपी के जरिए ही ई-केवाईसी के प्रोसेस को शुरू करें.
- वेरिफिकेशन के लिए लाइव कैमरे से फोटो खींचे और अपलोड करें. इसके बाद जो अन्य जानकारी मांगी जा रही है उसे भरें.
- अब आपकी ऐप्लीकेशन अप्रूव हो जाए तब आप इसी ऐप से अपना डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. उसका प्रिंट भी निकलवा सकते हैं.
क्या डॉक्यूमेंट्स चाहिए और किसे मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ अगर लेना चाहते हैं, तो एलिजिबीलिटी जानना जरूरी हो जाता है. साथ ही ये भी जानना काफी जरूरी है कि कौन से डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी, तो बता दें कि अप्लाई करने के लिए आपको अपना आधार कार्ड, जो मोबाइल नंबर से लिंक्ड हो, राशन कार्ड या फिर पहचान पत्र और एक एक्टिव मोबाइल नंबर जरूरी है. अब ये जान लेते हैं कि आखिर कौन अप्लाई कर सकते हैं तो जो व्यक्ति सोशल और आर्थिक जनगणना की लिस्ट में शामिल हों. बीपीएल कार्ड धारक हों, भूमिहीन मजदूर और निराश्रित लोग इसके पात्र हैं. रिक्शा चालक, फेरीवाले, घरेलू कामगार, कूड़ा बीनने वाले और मोची जैसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं. 70 वर्ष से ज्यादा उम्र के सभी बुजुर्ग, चाहे वे किसी भी श्रेणी में हों, अब इस विशेष स्वास्थ्य कवर के लिए पात्र माने जाएंगे.
अस्पताल में कैसे करें इस्तेमाल?
सबसे बड़ा सवाल आता है कि आखिर इस कार्ड को अस्पताल में इस्तेमाल कैसे किया जाए? तो इसके लिए आपको इलाज शुरू करवाने से पहले ये जानकारी जानना जरूरी है कि जिस अस्पताल से आप इलाज करवा रहे हैं, वो आयुष्मान भारत योजना के तहत रजिस्टर्ड है या फिर नहीं. इसकी जानकारी आप आयुष्मान भारत योजना की ऑफिशियल वेबसाइट या फिर ऐप पर जाकर कर सकते हैं.
वहीं इलाज पाने के लिए आप हॉस्पिटल की हेल्पडेस्क या फिर आयुष्मान मित्र से मिलें. वहां पहुंचने के बाद आप अपना आयुष्मान कार्ड या फिर रजिस्टर्ड आधार कार्ड दिखाएं. जिससे आपको आगे का प्रोसेस पूरा करने में मदद मिलेगी. वैरिफिकेशन के लिए आप अस्पताल के कर्मचारी से संपर्क कर सकते हैं जिसके लिए आपसे आपका आधार नंबर मांगा जाएगा. उसे पोर्टल पर डालकर एलिजिबिलीटी चेक की जाएगी. इसके बाद फिंगरप्रिंट की मदद से आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा और आपकी वेरिफिकेशन और ई-केवाईसी की जाएगी.
कैशलैश होगा पूरा इलाज
इस तरह एक बार प्रोसेस पूरा होने के बाद वैरिफिकेशन पूरा होने पर आपका इलाज कैशलैश हो जाएगा. डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली दवाइयां, जांच, सर्जरी यहां तक की अस्पताल में एडमिट होने का खर्च भी इस योजना के तहत कवर किया जाएगा. मरीज को अपनी जेब से किसी तरह का कोई भुगतान नहीं करना होता है. हालांकि इलाज पूरा होने के बाद आपको जरूरी डॉक्यूमेंट्स अस्पताल प्रशासन को देने होंगे और बिल की जानकारी देकर अस्पताल आपको डिस्चार्ज कर देगा.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

