Ayushman Saarthi AI Chatbot: केंद्र सरकार ने आयुष्मान सारथी AI चैटबॉट लॉच किया है. अब लाभार्थियों को WhatsApp पर ही आयुष्मान योजना से जुड़ी सभी प्रकार की सुविधा बिना देरी के मिलेगी. इससे सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी. साथ ही हेल्पलाइन पर कॉल करने की झंझट भी खत्म होगी.
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है. इस योजना के तहत देश के करीब 55 करोड़ लोग लाभ लेने के पात्र हैं. सरकार अब तक 43 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी कर चुकी है. योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है. देशभर के हजारों सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को इलाज की सुविधा आसानी से मिल रही है.
क्या है आयुष्मान सारथी AI चैटबॉट?
आयुष्मान सारथी एक आधिकारिक AI आधारित WhatsApp चैटबॉट है, जिसे आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की मदद के लिए तैयार किया गया है. इसकी मदद से लोग घर बैठे 24×7 कई जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं.
कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी?
- आयुष्मान भारत योजना में अपनी पात्रता (Eligibility) जांच सकते हैं.
- नया आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
- आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
- e-KYC दोबारा कर सकते हैं.
- आधार कार्ड लिंक कर सकते हैं.
- कार्ड को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं.
- इलाज का रिकॉर्ड देख सकते हैं.
- वॉलेट बैलेंस चेक कर सकते हैं.
- 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं.
शिकायत दर्ज करने की सुविधा
इस सुविधा के जरिए अब अस्पताल ढूढंने में परेशानियों का सामनना नहीं करना पड़ेगा. आयुष्मान सारथी AI चैटबॉट की मदद से लोग अपने नजदीकी आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल तक आसानी से पहुंच सकेंगे. इसके अलावा शिकायत दर्ज करना, शिकायत ट्रैक करना, जरूरत पड़ने पर शिकायत वापस लेना और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद फीडबैक देना भी आसान होगा.
कैसे करें इस्तेमाल?
- WhatsApp नंबर +91 72908 23838 पर “HI” भेजें.
- या सरकार द्वारा जारी QR Code स्कैन करें.
- इसके बाद WhatsApp पर सभी उपलब्ध सेवाओं के विकल्प दिखाई देंगे.
क्या फायदा होगा?
सरकार का कहना है कि यह चैटबॉट सीधे PM-JAY प्लेटफॉर्म से जुड़ा है, जिससे लोगों को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी. इससे सेवाएं तेज होंगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और डिजिटल सेवाओं का कम अनुभव रखने वाले लोगों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है.
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