Beauty Parlour Stroke Syndrome: अगर आप भी सैलून से बाल धुललाना काफी रिलैक्सिंग मानते हैं. आपको ये लगता है कि घर में बाल धोना काफी झंझट भरा काम है. इसलिए यहां बाल धुलवा लिए जाए तो ये जानकारी आपके लिए ही है. गर्म पानी, मसाज और आरामदायक माहौल भले ही आपको मिल जाता है. लेकिन ये भी आपकी हेल्थ को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है.
अमेरिकन जर्नल ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन में एक रिपोर्ट पब्लिश हुई है. जिसमें खुलासा हुआ कि 50 सालों के दौरान सैलून में हेयर वॉश से जुड़े 54 स्ट्रोक मामलों का विश्लेषण किया गया. इन मामलों ने एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति की ओर ध्यान खींचा है, जिसे ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम कहा जाता है. अब ये क्या नई बला है पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम?
क्या होता है ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम?
बात करें ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम की तो ये एक ऐसी मेडिकल कंडिशन होती है जहां आप सैलून में बाल धोने के दौरान गर्दन को पीछे से जब हम लंबे समय तक गर्दन को झुकाए रखते हैं तो इससे हमारी धमनियों पर असर पड़ता है. इस तरह का प्रेशर कभी-कबार ब्लड का फ्लो रुक देता है. जिसके कारण माइंड तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता और स्ट्रोक जैसी कंडिशन पैदा हो जाती है.
किन्हें इसका अधिक खतरा?
अब जान लेते हैं कि आखिर किन्हें अधिक खतरा रहता है. ये उनके लिए अधिक खतरा रहता है जिन्हें पहले ही सर्वाइकल स्पाइन यानी गर्दन की समस्या हो. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या जिन्हें हो, ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर वाले लोग, बुजुर्ग या फिर कमजोर खून के फ्लो की समस्या से परेशान होने वाले लोगों को इसका खतरा अधिक रहता है. ये तो जान लिया कि आखिर किन्हें अधिक खतरा होता है अब ये भी जान लेते हैं कि आखिर इसके लक्षण क्या होते हैं.
क्या होते हैं ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम के लक्षण
लक्षणों की अगर बात की जाए तो ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम के लक्षण होते हैं अचानक चक्कर आना, सिर में तेज दर्द होना, गर्दन में दर्द या फिर अकड़न महसूस होना, धुंधला दिखाई देना, बोलने या समझने में परेशानी, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी. खतरा क्यों होता है तो इसका जवाब है कि हेयर वॉश के दौरान जब सिर को पीछे झुका दिया जाता है. तो ऐसी पोजिशन में गर्दन का एक हिस्सा दब जाता है जिसे vertebral artery कहा जाता है. यही धमनी दिमाग के पिछले हिस्से तक खून पहुंचाती है. अगर यहां ब्लड फ्लो बाधित होता है तो ब्रेन स्ट्रोक जैसी स्थिति पैदा हो सकती है.
यह भी पढ़ें: बैड कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने की नई तकनीक! नई खोज से दिल की बीमारियों का खतरा हो सकता कम
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

