Powerful Ayurvedic Herbs and with Health Benefits: खांसी-जुकाम और हल्का पेट दर्द होना, वायरल इंफेक्शन होना जैसी समस्याएं बदलते मौसम के दौरन खासतौर पर दिखाई देने लगती है. खासकर छोटे बच्चों को इस तरह की समस्याएं पेरशान करती है. लेकिन आयुर्वेद कहता है कि आप कुछ बीमारियों का इलाज बिना दवाई के कर सकते हैं.
इन समस्याओं के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं, आप अपने किचन या घर की छत तक का सफर तय कर सकते हैं. ये दवाई किचन में ही मौजूद होती हैं. आप चाहे तो अपने डेली रूटीन में भी इन्हें शामिल कर सकते हैं.
डेली रूटीन में शामिल करें ये आयुर्वेदिक हर्ब्स
हल्दी
आप हल्की-फुल्की समस्या में हल्ती का सेवन कर सकते हैं. इसमें ऐसे एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं, जो बीमारियों में दवा का काम करते हैं. हल्ती में करक्यूमिन एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं. ये औषधि गुण गले में खराश, जुकाम या पेट में दर्द की समस्याओं में राहत देने में मदद करते हैं. इन्हें आप दूध के साथ ले सकते हैं.
तुलसी
तुलसी, हर घर में पाई जाने वाली तुलसी किसी औषधी से कम नहीं है. खासकर खांसी-सर्दी की बीमारी में, इसे आप चाय में डालकर या फिर रोजाना एक पत्ती का सेवन कर सकते हैं. इसमें मुख्य रूप से एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-स्ट्रेस गुण पाए जाते हैं. यह विटामिन A, C, K, आयरन, कैल्शियम और जिंक जैसे पोषक तत्वों का भंडार भी है.
नीम
नीम की पत्तियों में ऐसे औषधीय गुण पाए जाते है. जो वायरल इंफेक्शन को दूर रखने में मदद करता है. खासतौर पर स्किन से जुड़ी समस्याओं के लिए नीम किसी वरदान से कम नहीं है. गौरतलब है कि बारिश के मौसम में स्किन से जुड़ी परेशानियां ज्यादा परेशान करती है. इनमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं. नीम में पाए जाने वाले गुण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से लड़ने में मदद करते हैं. यह स्किन के संक्रमण, दाद, खाज और खुजली को दूर करने में बहुत प्रभावी है.
अजवाइन
अजवाइन भी किसी औषधि से कम नहीं है. पेट से जुड़ी समस्याओं में अजवाइन काफी लाभदायक है. ये अपच, गैस और पेट भारी लगने जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. इसे आप सुबह या रात के समय डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.
मुलेठी
मुलेठी किसी औषधी से कम नहीं. आयुर्वेद में इसे बीमारियों को दूर करने के लिए जाना जाता है. मुलेठी खांसी, जुकाम, गले की खराश, अस्थमा, एसिडिटी, पेट के अल्सर, मुंह के छालों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) जैसी बीमारियों को दूर रखने में मदद करती है. आप मुलेठी को चाय या शहद के साथ ले सकते हैं. इसके अलावा आप सीधे मुलेठी की लकड़ी को भी चूस सकते हैं.
अदरक
अदरक हर घर के किचन की शान होती है. ये चाय में भी खासतौर पर इस्तेमाल की जाती है. इसमे शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. ये पाचन सुधारने, सर्दी-खांसी ठीक करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद कारगर है.
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FAQs
सवाल: बदलते मौसम में कौन-सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां फायदेमंद मानी जाती हैं?
जवाब: तुलसी, गिलोय, अदरक, हल्दी और अश्वगंधा इम्यूनिटी और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती हैं.
सवाल:आयुर्वेदिक हर्ब्स के प्रमुख औषधीय गुण क्या हैं?
जवाब: ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन सुधारने, सूजन कम करने और संक्रमण से बचाव में मदद कर सकती हैं.
सवाल:क्या आयुर्वेदिक हर्ब्स का सेवन सभी लोग कर सकते हैं?
जवाब: नहीं, गर्भवती महिलाएं, गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग या दवा ले रहे व्यक्ति डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही सेवन करें.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

