Doctors Day 2026: अक्सर महिलाएं घरेलु काम काज करते हुए अपनी हेल्थ का बिल्कुल ख्याल नहीं रखती हैं. जिसका नतीजा यही होता है कि फिजिकल हेल्थ काफी बिगड़ जाती है. ऐसा ही एक किस्सा ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में पैलिएटिव मेडिसिन की डॉक्टर जिल कार ने एक किस्सा साझा किया है.
दरअसल 30 जून को सोशल मीडिया पर डॉक्टर जिल कार ने एक पोस्ट साझा किया है. उन्होंने बताया कि सफदरजंग हॉस्पिटल में अपने पिछले काम की एक कहानी साझा की है. जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे घरेलु उम्मीदों के कारण महिलाएं कैसे लाइफ से समझौता कर सकती हैं.
रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी से जूझ रही महिला
डॉक्टर बताती हैं कि उनकी OPD में एक पेशंट आया. मरीज की रीढ़ की हड्डी में गंभीर समस्या थी. जिसके कारण पैरों में दर्द, झुनझुनी और सुन्नपन होने लगा था. यानी कमजोर करने वाले लक्षण दिखाई दे रहे थे. लेकिन उसके बावजूद महिला ने घर का काम बच्चों और ससुराल वालों की देखभाल’ करती रही. और जब दर्द ‘बर्दाश्त से बाहर’ हो गया, तभी उसने मेडिकल मदद ली.
हालांकि डॉक्टर्स ने गंभीर चेतावनी दी थी. लेकिन इस चेतावनी पर बिल्कुल भी गौर नहीं किया गया है. समस्या इतनी बढ़ गई थी कि महिला पैरालिसिस का शिकार हो चुकी थी. जब इस बारे में डॉक्टर ने बताने की कोशिश की तो महिला के पति ने उसे बीच में ही टोक दिया और कहा कि ‘घर का काम तो करना पड़ेगा मैडम, हमारा चूल्हा नीचे रखा होता है तो नीचे तो बैठना ही होगा न’.
कैसे कोई मजबूर कर सकता है?
डॉक्टर ने सलाह दी कि आखिर टेबल खरीद लो, स्टोव को उसपर रखलो जिससे की उसकी पत्नी की तकलीफ कम हो. लेकिन पति माना नहीं और डॉक्टर से लड़ते हुए कहने लगा कि मैडम आप अपना काम करो चुपचाप. दवाई दे दो बस. इस वाक्य के बाद डॉक्टर ने अन्य लोगों को सलाह दी कि ये चार लक्षण दिखे तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए क्योंकि ये आगे चलकर पैरालिसिस में बदल सकते हैं.
पति को नहीं थी परवाह
इस पूरे वाक्य में डॉक्टर ने इलाज के तरीके समझाने की कोशिश की लेकिन व्यक्ति समझने को तैयार नहीं था. हालांकि महिला के अधिक पढ़े-लिखे न होने के कारण वो पूरी तरह अपने पति पर ही निर्भर थी. जिसके कारण उसकी हालत को नजरअंदाज किया जा रहा था. डॉक्टर कार बताती हैं कि जब उन्होंने दवाओं के बारे में जानकारी दी तो महिला ने पति की ओर देखना शुरू कर दिया क्योंकि वो पढ़ी-लिखी नहीं थी. अब दवाइयों के बारे में पति को समझाया जा रहा था लकिन उसे परवाह नहीं थी. क्योंकि अगर परवाह होती तो वो इस कंडिशन में न होती. डॉक्टर्स डे के मौके पर जो महिलाएं इस समस्या का सामना कर रही हैं. उसे समाज की गहरी बीमारी बताया और कहा कि भारतीय महिलाएं और उनसे होने वाली नफरतें अस्पताल से कभी नहीं छिप सकती है.
यह भी पढ़ें: क्या होता है बाइसेक्सुअल? इस टीवी एक्ट्रेस की पत्नी की सेक्सुअलिटी पर उठे सवाल
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

