Blood Pressure Medicine Quality Failure: कई लोग आजकल हाई बीपी की समस्या से परेशान है, जो लोग इस परेशानी का सामना कर रहे हैं, वो रोजाना दवाओं पर डिपेंड रहते हैं. जब आप रोजाना किसी एक चीज पर डिपेंड रहते हैं, तो आप उसपर काफी ट्रस्ट करते हैं. लेकिन अब इसी दवाओं को लेकर चिंता बढ़ी है. दरअसल एक महीने में एक कई दवाओं के बैच की क्वालिटी टेस्ट किया गया. इस टेस्ट में बैच फेल हो गया.
जानकारी के अनुसार ये मामले असम से लेकर केरला तक में सामने आए हैं. यानी ये समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 198 दवाएं क्वालिटी में फेल हो गई. CDSCO ने भी इसपर रिपोर्ट जारी की है. जिसमें इन दवाओं के फेल होने की जानकारी सामने आई. वहीं चिंता वाली बात है कि इन 198 दवाओं में ब्लड प्रेशर की दवाएं भी शामिल थी.
बीपी के मरीजों के लिए खतरनाक
वहीं अब ये कंडिशन उनके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है, जो रोजाना इसी पर निर्भर हैं. यानी इन दवाओं के इलाज पर भरोसा करते हैं. क्योंकि अगर यही दवा सहीसे काम न करें तो बीमरी का खतरा भी बढ़ सकता है. हैरानी वाली बात तो ये भी है कि मरीजों को इस बात का पता भी नहीं चलता. ये कारण है कि दवाओं की क्वालिटी पर काफी सवाल उठना शुरू हो चुके हैं./
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इस टेस्ट में फेल होना
ब्लड प्रेशर की जो 18 दवाएं जो क्वालिटी में फेल हुई इसका कारण है डिसॉल्यूशन टेल्ट. ये टेस्ट जानकारी देता है कि जब दवा हमारे शरीर में जाती है तो वो कितनी तेजी से और कितनी मात्रा में अच्छे से घुल जाती है. यानी आसान भाषा में कहे तो ये जानकारी देता है कि दवा शरीर में अच्छे से घुली या फिर नहीं. क्योंकि अगर दवा सही तरीके से नहीं घुलेगी तो इसका असर भी हमें नहीं पहुंचेगा और मरीज के दवा लेने का कोई लाभ भी नहीं रह जाएगा. एक चौंकाने वाली बात ये भी है कि इन दवाओं में कुछ ऐसी भी है जो बाहर से दिखने में काफी नॉर्मल है. लोगों को इसके बारे में पता नहीं चल पाएगा, लेकिन ये अंदर ही उतना खतरनाक असर दिखाएगी.
क्या हो सकती समस्या?
अब जान लेते हैं, कि आखिर इससे क्या परेशानी हो सकती है, तो बता दें कि इसे साइलेंट फेलियर बोला जा रहा है. इसका कारण साफ है की मरीजों को मिलने वाली दवा और उसका असर नहीं मिल पा रहा क्योंकि उन्हें पता ही नहीं कि जिस दवा का वो रोजाना सेवन कर रहे हैं, उसका असर उन तक पहुंच ही नहीं पा रहा. लिहाजा इससे उनका ब्लड प्रेशर कंट्रोल ही नहीं हो पाएगा. वहीं लंबे समय तक ऐसी कंडिशन हार्ट की बीमारी, किडनी की समस्या का भी खतरा बढ़ा सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


