Charcoal Mask Ke Fayde: आज के समय में हर महिला का ये सपना होता है कि उसकी स्किन ग्लोइंग दिखे, ग्लोइंग होने के साथ-साथ स्किन सॉफ्ट भी रहें. वहीं बदलते मौसम, गर्मी, धूप, बारिश और दिनों-दिन बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की स्किन अक्सर डल और बेजान हो जाती है. हालांकि मार्किट में फैश वॉश, क्लीन्ज़र, विटामिन C सीरम, सनस्क्रीन, मॉइस्चराइज़र, टोनर, फेस पैक/मास्क और फेशियल ऑयल आसानी से मिल जाते हैं. जो स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग रखती हैं.
वहीं अब लोगों की पहली पसंद चारकोल मास्क बनता जा रहा है. चारकोल सिर्फ सेलिब्रिटीज तक ही नहीं, बल्कि आम लोगों की भी पहली पसंद बनता जा रहा है. ऐसे में चारकोल मास्क बहुत पॉपुलर हो गया है. एक्टिवेटिड चारकोल मास्क स्किन को कई प्रकार से निखारता है. ये स्किन से गंदगी, धूल और एक्सट्रा ऑयल को अब्जॉर्ब करके स्किन को साफ करता है. और ग्लो वापस लाता है. चारकोल को एक्टिवेटिड कार्बन भी कहा जाता है. एक्टिवेटिड चारकोल मास्क स्किन पर मौजूद टॉक्सिक पदार्थों को आसानी से दूर करता है, जिससे स्किन ग्लो करती है. वहीं कुछ मामलों में ये स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकता है. इसलिए इसके प्रयोग करने से पहले ये जान ले कि चारकोल मास्क स्किन के लिए कैसे नुकसानदायक हो सकता है. कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी है. चलिए जानते हैं.
एक्टिवेटिड चारकोल फेसमास्क के नुकसान
ड्राई स्किन को बनाए असंतुलित
एक्टिवेटिड चारकोल फेसमास्क जहां स्किन से एक्ट्रा ऑयल अब्जॉर्ब करता है. इसलिए ऑयली स्किन के लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है. तो वहीं ड्राई स्किन वालों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. बता दें कि चारकोल में एक प्रकार का एब्जॉर्बट तत्व होता है. जो स्किन को हाइड्रेट करने की जगह उस पर मौजूद अतिरिक्त तेल को सोख देता है.
रैशेज का खतरा
चारकोल फेसमास्क हर किसी के चेहरे पर सूट नहीं करता इसलिए जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव है वह इसे यूज करने से पहले अपना स्किच पैच टेस्ट जरूर कर लें. वहीं सेंसिटिव स्किन वालों के लिए चारकोल फेसमास्क इचिंग, रैशेज और सूजन जैसी परेशानियां दे सकता है.
पोर्स का लार्ज हो जाना
चारकोल फेसमास्क प्रयोग करने से पहले अपनी स्किन टाइप यानि स्किन पैच टेस्ट जरूर करें. क्योंकि चारकोल का प्रयोग करने से स्किन के पोर्स लार्ज यानि बड़े होने लगते हैं. जिसके बाद एक्ने की समस्या बढ़ने लगती है. पोर्स में ऑयल और डस्ट जमा होने से एक्ने का रूप ले लेते हैं. इसलिए चारकोल का प्रयोग करने से पहले स्किन टाइप का पता होना चाहिए साथ ही स्किन विशेष से भी करना चाहिए. नहीं तो इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं.
पील ऑफ प्रोसेस है पेनफुल
कई देर तक लगा फेस मास्क उतारने में दर्द भरा हो सकता है. ऐसे में इसे ज्यादा देर तक न लगाएं. कई देर तक लगा फेस मास्क चारकोल पील ऑफ फेस मास्क जैसी स्थिति पैदा कर सकता है. वहीं देर तक लगा फेस मास्क स्किन की लेयर्स को चुकसान पहुंचा सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


