Cervical cancer Symptoms and causes: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से फैलने वाले कैंसर में से एक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर हर साल गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से लगभग 350,000 महिलाओं की मौत होती है. हर साल भारत में सर्वाइकल कैंसर के 1.2 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं. लगभग हर 7 मिनट में 1 महिला की मौत हो जाती है. वहीं सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने महिलाओं से गर्भाशय ग्रीवा यानि सर्वाइकल कैंसर की नियमित जांच कराने की अपील की है. हर 5 साल के अंदर सर्वाइकल कैंसर की जांच अवश्य करानी चाहिए. कैंसर का समय पर पता लगाकर इसके शुरूआती लक्षणों की पहचान करके इसके गंभीर जोखिम को कम किया जा सकता है.
फ्री होगी जांच
कैंसर की फ्री जांच के लिए आप अपने नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर जा सकते हैं. वहां पर इसकी जांच फ्री में उपलब्ध है. एक्सपर्ट के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर इसका इलाज अधिक प्रभावी होता है. नियमित स्क्रीनिंग से बीमारी का पता समय रहते लगाया जा सकता है, जिससे गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सकता है.
क्या है सर्वाइकल कैंसर?
सर्वाइकल कैंसर को ही गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) कहा जाता है. यह कैंसर योनि कैंसर है, जो महिला से पुरूष और पुरष से महिला में फैल सकता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता अक्सर वायरस से लड़कर उसे खत्म कर देती है. लेकिन कुछ ऐसे खतरनाक वायरस होते हैं जो अक्सर शरीर में लंबे समय तक बने रहते हैं.
सर्वाइकल कैंसर HPV वायरस के कारण होता है. ये ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (Human Papillomavirus) है, जो 100 से अधिक वायरसों का एक समूह हैं. ये मुख्य रूप से स्किन और शरीर के म्यूकोसल हिस्सों को संक्रमित करता है. ये वायरस गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव लाते हैं जो कैंसर का कारण बनते हैं.
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
- पीरियड्स के अलावा खून आना:मासिक धर्म के बीच में, संबंध बनाने के बाद या मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग होना.
- योनि से असामान्य स्राव: सफेद पानी, बदबूदार स्राव या खून मिला हुआ डिस्चार्ज आना.
- पेट के निचले हिस्से में दर्द: पेल्विक एरिया में लगातार दर्द या संबंध बनाते समय दर्द महसूस होना.
- पेशाब या शौच के दौरान दर्द: कैंसर बढ़ने पर पेशाब या मल त्याग करते समय परेशानी हो सकती है.
- पैरों में सूजन: खासकर बीमारी बढ़ने पर पैरों में सूजन आ सकती है.
- बिना वजह वजन कम होना: अचानक वजन घटना चिंता का कारण हो सकता है.
- भूख कम लगना: पहले की तुलना में खाने की इच्छा कम होना.
- हर समय थकान महसूस होना: पर्याप्त आराम के बाद भी कमजोरी और थकान बनी रहना.
सर्वाइकल कैंसर भारत की महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर बन गया है. इसके लिए सभी वयस्क महिलाओं को नियमित रूप से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) की जांच करानी चाहिए. सर्वाइकल कैंसर की जांच इसलिए जरूरी है ताकि कोशिकाओं की असामान्यताओं का पता लगाया जा सके. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एचपीवी वैक्सीनेशन और नियमित स्क्रीनिंग या टेस्ट की मदद से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है। जब सर्वाइकल कैंसर का नियमित टेस्ट किया जाता है, तो इसका समय पर निदान और इलाज संभव हो पाता है। ऐसे में कई महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर से जान बचाई जा सकती है.
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FAQs
सवाल: सर्वाइकल कैंसर से बचाव कैसे किया जा सकता है?
जवाब: HPV वैक्सीन लगवाकर, नियमित स्क्रीनिंग कराकर और डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्वास्थ्य जांच कराकर बचाव किया जा सकता है.
सवाल: सर्वाइकल कैंसर की समय पर जांच क्यों जरूरी है?
जवाब: नियमित जांच से बीमारी का शुरुआती चरण में पता चल सकता है, जिससे समय पर इलाज संभव होता है और गंभीर जोखिम कम हो सकता है.
सवाल: सर्वाइकल कैंसर क्या है?
जवाब: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है, जो अक्सर HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण से जुड़ा होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

