Food Choking: आज के समय में छोटे बच्चे कुरकुरे, चिप्स बड़े चाव के साथ खाते हैं. किसी दुकान पर रंग-बिरंगे पैकेट दिखने पर तुरंत उन्हें मांगने की डिमांड करने लगते हैं. लेकिन क्या आपको पता है हाल ही में हिमाचल प्रदेश राज्य से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां पर एक किशोर की सांस की नली में कुरकुरा फंसने से मौत हो गई. इस हादसे से हर कोई स्तब्ध हैं. दरअसल खाने के दौरान थोड़ी-सी गलती जानलेवा साबित हो सकती है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि क्या होती है फूड चोकिंग और यह कितनी खतरनाक हो सकती है? और ऐसी स्थिति होने पर कैसे संभाला जा सकता है.
गले में खाना अटक जाए, या फिर धसका लग जाए. ऐसी स्थिति को फूड चोकिंग कहते हैं. ऐसा अक्सर सभी के साथ होता है, जब सांस की नली में खाना फंस जाता है. ऐसे में सांस लेने में दिक्कत होती है. कभी-कभार दम घुटने की स्थिति भी हो जाती है. लेकिन कुछ सावधानी से इस स्थिति को संभाला जा सकता है.
कैसी स्थिति में होती फूड चोकिंग
जब खाना ठीक से चबाया नहीं जाता या बहुत तेजी से खाया जाता है, तो वह सांस की नली में चला जाता है. इससे हवा का रास्ता रुक सकता है और व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है. खाने के अच्छे से न चबाने की स्थिति में बड़े टुकड़े गले में फंस सकतें हैं. इसलिए खाने को अच्छे से और धीरे-धीरे चबाकर खाना चाहिए. वहीं बात करते हुए खाना न खाएं क्योंकि खाते समय बात करने से भी खाना गलती से सांस की नली में जा सकता है. कभी-कभार सूखा भोजन खाने पर भी सांस की नली में खाना चला जाता है. इसलिए सूखा खाना खाते समय पानी का सेवन करते रहें. छोटे बच्चों और बुजुर्गों में निगलने की क्षमता कमजोर होती है. इसिलए अक्सर उन्हें इस तरह की समस्या होती है. लेकिन उनकी पीठ थपथपा कर इस स्थिति को संभलाा जा सकता है.
गले में खाना फंसने पर क्या करें
अगर आपके आस-पास किसी व्यक्ति के गले में खाना फंस जाए तो आप इस स्थिति को संभाल सकते हैं. व्यक्ति को आगे की ओर झुकाकर पीठ के ऊपरी हिस्से पर जोरदार थपकी दी दें. ऐसा आपने छोटे बच्चों के साथ उनकी माओं को करते हुए देखा होगा. जब किसी छोटे बच्चे के गले में खाना खाते समय खान फंस जाता है तो उनकी माएं बच्चे की पीठ पर हल्का सा हाथों से थपथपाती हैं. ऐसा करने पर उनके गले में फंसा खाना सांस की नली से बाहर निकल जाता है.
इसके अलावा एक्सपर्ट कहते हैं कि हेमलिच मैनूवर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. जिस व्यक्ति की सांस में खाना फंसा हुआ है उसे पीछे खड़े करके उसके पेट के ऊपरी हिस्से पर दबाव डाला जाता है, जिससे फेफड़ों में मौजूद हवा के दबाव से फंसी हुआ खाना बाहर निकल जाता है.
हेमलिच मैनूवर (Heimlich Maneuver) क्या है?
हेमलिच मैनूवर एक प्राथमिक उपचार (First Aid) तकनीक है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति के गले या सांस की नली में खाना या कोई वस्तु फंस जाए और वह सांस नहीं ले पा रहा हो.
कुरकुरा खाते ही बिगड़ी थी तबीयत
हाल की खबर ने सबको डरा दिया है कि क्या कुरकरा खाने से किसी की मौत हो सकती है? जानकारी के अनुसार उपमंडल अर्की के ग्राम पंचायत घनागुघाट के ताल गांव निवासी 28 वर्षीय युवक, हेमंत शर्मा की मौत हो गई. वह कसौली के एक निजी होटल में काम करता था. कहा जा रहा है कि कुरकुरा खाते समय उसका एक टुकड़ा सांस की नली में फंस गया, जिससे उसे गंभीर सांस लेने में दिक्कत होने लगी. परिजन उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया. PGI में इलाज के दौरान भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और युवक ने दम तोड़ दिया.
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