Chronic Fatigue Syndrome: कई लोग फिट रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में नींद लेते हैं. लेकिन लंबे समय तक सोने के बावजूद उनकी थकान नहीं मिटती इसके अलावा वह थका-थका हुआ-सा भी महसूस करते हैं. वहीं लंबे समय तक सोने के बाद भी अगर आपके शरीर की थकान नहीं मिटती तो आप एक गंभीर बीमारी का शिकार हो सकते हैं.
दरअसल लंबे समय और पर्याप्त मात्रा में नींद लेने के बाद भी अगर आपके शरीर की थकान नहीं मिटती तो आप क्रॉनिक फैटिग सिंड्रोम (CFS) के शिकार हैं. गौरतलब है कि हर साल 12 मई को वर्ल्ड क्रोनिक फटिग सिंड्रोम डे मनाया जाता है. आज के आर्टिकल पर हम जानेंगे कि वर्ल्ड क्रोनिक फटिग सिंड्रोम के लक्षण और इस बीमारी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में, चलिए जानते हैं.
क्या है क्रोनिक फटिग सिंड्रोम?
वर्ल्ड क्रोनिक फटिग सिंड्रोम एक गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के अनुसार यह बीमारी हमारे शरीर के सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित कर देती है. ये बीमारी दिनचर्या पर भी गहरा असर डालती है. वह अपनी सामान्य गतिविधियां तक नहीं कर पाते. इस बीमारी को नाम मायल्जिक एन्सेफेलोमाइलाइटिस/क्रोनिक फैटीग सिंड्रोम (Myalgic Encephalomyelitis/Chronic Fatigue Syndrome) कहा जाता है. इसे शॉर्ट में ME/CFS कहते हैं. इस बीमारी में शरीर और दिमाग दोनों जल्दी थक जाते हैं. कई लोगों में हल्का काम, तनाव या मानसिक मेहनत करने के बाद भी कमजोरी और बढ़ जाती है.
कब बन जाती खतरनाक
ये समस्या सीधे तौर पर व्यक्ति के फिजिकल और मेंटल हेल्थ से जुड़ी हुई है. वहीं जब व्यक्ति ज्यादा काम करने की कोशिश करता है तब ये बीमारी खतरनाक रूप ले लेती है. इस सिंड्रोम से पीड़ित लोग सोचने और ध्यान लगाने में समस्या महसूस करते हैं. यह बीमारी अचानक हो सकती है और इसे ठीक होने में लंबा समय लग सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि अभी तक इस बीमारी के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है.
क्रॉनिक फैटिग सिंड्रोम के लक्षण
- लगातार थकान महसूस होना.
- हल्का काम करने पर भी बहुत ज्यादा कमजोरी आना.
- नींद पूरी होने के बाद भी ताजगी महसूस न होना.
- ध्यान लगाने और याददाश्त में परेशानी.
- सिरदर्द या चक्कर आना.
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द.
- गले में खराश या बार-बार संक्रमण जैसा महसूस होना.
- लंबे समय तक खड़े रहने पर कमजोरी या बेचैनी.
- शारीरिक या मानसिक मेहनत के बाद लक्षणों का बढ़ जाना.
बीमारी का सही इलाज
इस बीमारी का कोई फिक्सड टेस्ट नहीं है, इसलिए डॉक्टर लक्षणों और अन्य बीमारियों को जांचकर इसका पता लगाते हैं. सही आराम, संतुलित आहार, तनाव कम करना और डॉक्टर की सही सलाह से इस बीमारी पर कंट्रोल किया जा सकता है.
12 मई को ही क्यों मनाया जाता है जागरूकता दिवस?
ये दिवस हर साल 12 मई को मनाया जाता है. ये तारीख मशहूर नर्स और सामाजिक सुधारक फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale) की जयंती से जुड़ी हुई है. कहा जाता है कि उन लोगों ने भी अपने जीवन में लंबे समय से ऐसी ही थकान और हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का सामना किया था. इसलिए लोगों को जागरूक करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है.
इस दिवस का उद्देश्य है लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर समय पर इलाज के लिए प्रेरित करना. क्योंकि अक्सर कई लोग इस समस्या को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. बता दें कि इस बीमारी से पीड़ित लोग नौकरी, पढ़ाई या सामान्य सामाजिक जीवन ठीक से नहीं जी पाते. लगातार कमजोरी और मानसिक थकावट के कारण उनका कॉन्फिडेंस कमजोर होने लगता है. लेकिन सही समय पर पहचान कर इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है. वहीं परिवार और दोस्तों का इमोशनल सपोर्ट भी बहुत जरूरी है. बता दें कि इस बीमारी को नजरअंदाज करने व्यक्ति की मेंटल हेल्थ बिगाड़ सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )
FAQs
1. क्रॉनिक फैटिग सिंड्रोम क्या है?
यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें लंबे समय तक बहुत ज्यादा थकान रहती है.
2. इसके मुख्य लक्षण क्या हैं?
लगातार कमजोरी, नींद के बाद भी थकान और शरीर दर्द इसके मुख्य लक्षण हैं.
3. क्या इसका इलाज संभव है?
सही आराम, दवा और जीवनशैली में बदलाव से इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है.

