COVID Cases In America: अमेरिका में कोरोनावायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. अचानक हुई बढ़ोत्तरी ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका में कोरोना का BA.3.2 वेरिएंट सामने आया है. वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 11 फरवरी तक ये वेरिएंट 23 देशों में पाया गया है. अब इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये वेरिएंट हमारे इम्यून सिस्टम को आंशिक रूप से चमका देने की पावर रखता है. यही इंफेक्शन को दोबारा बढ़ाता है.
वहीं कोरोना का ये वेरिएंट पहले के मुकाबले खतरनाक नहीं है. ऐसा हमारा नहीं डॉक्टरों का कहना है. इसके पीछे का कारण है कि लोगों ने पिछले कुछ सालों में कोरोना की वैक्सीन ले ली है. उनमें हाइब्रिड इम्यूनिटी डेवलप हो चुकी है. इस कारण इंफेक्शन बढ़ने के बाद भी खतरा नहीं जताया जा रहा है. लेकिन गंभीर मामलों की संभावना पहले की तुलना में कम हो सकती है.
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लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले
वहीं क्योंकि लगातार कोरोना के नए केस की गूंज सुनाई दे रही है. ऐसे में सवाल आता है कि क्या इसका खतरा भारत में भी है? क्या ये भारत पर भी असर डाल सकता है? क्योंकि ये जिस तेजी से फैल रहा है संभव है कि भारत में भी इसकी गूंज सुनाई दे. क्योंकि कई एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि कोरोना वायरस भारत से अभी भी पूरी तरह से गया नहीं. यानी खत्म नहीं हुआ है. ये एक एंडेमिक वायरस बन चुका है. साफ शब्दों में कहा जाए तो इसके केस बढ़ते और घटते रहेंगे. हालांकि चिंता की बात नहीं है, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका ये मतलब नहीं है कि ये महामारी जैसी स्थिती पैदा करेगा.
घबराना नहीं सतर्क रहना
इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराने की नहीं सिर्फ सतर्क रहने की ही जरूरत है. घबराने की बात इसलिए भी नहीं है क्योंकि सिस्टम पहले से तैयार है. यानी टेस्टिंग, इलाज और वैक्सीनेशन पहले ही मौजूद है. इसपर निगरानी बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि खतरा अगर दिखे भी तो उसे समय रहते रोके जा सके.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


