Cyclosporiasis Disease in America: अमेरिका में हजारों लोग इस समय पेट से जुड़ी एक बीमारी का सामना कर रहे हैं. जिसे साइक्लोस्पोरियासिस कहा जाता है, जो पेट से जुड़ा एक तरह का इन्फेक्शन है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक ये बीमारी 9 राज्यों में फैल चुकी है. हालांकि इसके फैलने के पीछे का कारण आइसबर्ग लैट्यूस के इस्तेमाल के कारण फैल रही है.
अब इसलिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि ये बीमारी आखिर क्या है. कैसे फैलती है, और इससे बचने के क्या उपाय है और इससे बचने का क्या उपाय है.
कैसे फैलती है ये बीमारी?
दरअसल ये आंतों से जुड़ी बीमारी है. जो साइक्लोस्पोरा पैरासाइट के कारण होती है. ये इतना छोटा पैरासाइट यानी परजीवी इतना छोटा होता है इसे आप आंखों से नहीं देख सकते है. यानी इसके लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ती है. जब लोग इस पैरासाइट से दूषित खाना खाते हैं या पानी पीते हैं, तो साइक्लोस्पोरियासिस होता है.
क्या सिर्फ इंसानों पर पड़ता असर?
अब जान लेते हैं कि क्या ये सिर्फ इंसानों पर ही असर डालता है? तो ऐसा नहीं है. आमतौर पर इंसानी मल से खराब खाने और पानी के जरिए फैलता है. वहीं ये बीमारी एक से दूसरे व्यक्ति में सीधे नहीं फैलता. यानी ये किसी व्यक्ति के मल निकलने के बाद दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है. अब सवाल ये कि क्या ये बीमारी जानलेवा है? इसका जवाब है की नहीं. ये जानलेवा नहीं है. हालांकि समय रहते इलाज न किया जाए तो इसके लक्षण और भी गंभीर हो सकते है.
क्या होते हैं इस बीमारी के लक्षण?
इस बीमारी के लक्षण की अगर बात की जाए तो इसके लक्षण है तेज और पानी जैसे दस्त लगने की समस्या, पेट में ऐंठन, दर्द, बहुत ज्यादा थकान, भूख न लगना, हल्का बुखार, उल्टी आना, पेट फूलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. बचने के उपाय की अगर बात की जाए तो खाने को अच्छे से पकाकर खाएं, फलो, सब्जियों को काटने पकाने से पहले अच्छे से धो लें, टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं, किचन में साफ-सफाई रखें, बिना उबले या फिर फिल्टर पानी को न पिए और उसी में खाना बनाएं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

