Daily vs Weekly Insulin: डायबिटिक पेशंट को अक्सर ये डर जरूर रहता है कि उन्हें रोज-रोज इंजेक्शन लेने की जरूरत न पड़े. पहला डर ही डायबिटीक पेशंट का यही रहता है. लेकिन अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा. बार-बार इंजेक्शन लगवाने का डर हर किसी को रहता है. पर अब इसकी जरूरत नहीं होगी.
दरअसल भारत में अवीकली इंजेक्शन लॉन्च हो गया है. जिससे कि आपको साल में 365 दिन सुई चुभौने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिपोर्ट्स बताती है कि सिर्फ 52 ही इंजेक्शन लगवाने की जरूरत होगी. लेकिन क्या इससे पुराना वाला ऑप्शन जो था वो इलाज बेकार हो जाता है?
कौन सा विकल्प बेहतर है?
डॉक्टर बताते हैं कि दोनों ही विकल्प सभी के लिए सूटेबल हो ये जरूरी नहीं है. यानी मरीज की कंडिशन के हिसाब से ही विकल्प तय किया जाता है. आसान भाषा में कहें कि अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और इंसुलिन से डरते हैं, तो वीकली इंसुलिन का ऑप्शन अच्छा हो सकता है. लेकिन टाइप-1 डायबिटीज जिसमें मरीज के शुगर का लेवल अनकंट्रोल्ड ही रहता है उनके लिए डेली इंसुलिन वाला ऑप्शन सेफ और सही ऑप्शन माना जा सकता है.
हालांकि अगर आप टाइप-2 डायबिटीज के शिकारहै लेकिन स्टेबल्ड हैं और अपनी रूटीन लाइफ को अच्छे से जी रहे हैं तो इन दोनों को डॉक्टर की सलाह के हिसाब से चुन सकते हैं. जो लोग बार-बार बीमार हो जाते हैं. अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है ऐसे लोग डेली इंसुलिन लें तो उनके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. क्योंकि इसमें इंसुलिन की मात्रा में बदलाव करना आसान हो जाता है.
अवीकली इंसुलिन क्यों फायदेमंंद
दरअसल इस इंसुलिन को फायदेमंद इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसे रोजाना नहीं लगाना पड़ता. जिससे की इसे रोज-रोज लगाने का डर, सुई चुभोने का डर मरीज में खत्म हो जाता है या कम हो जाता है. क्योंकि हफ्ते का सिर्फ एक ही दिन आपको तय करना है और छह दिन आपको इंजेक्शन लगाने की चिंता नहीं होती है.
इतना ही नहीं साल 365 दिन जहां इस इंजेक्शन को लगवाने की जरूरत पड़ती थी. अब सिर्फ 52 इंजेक्शन ही लगवाने होते हैं. इससे जो मरीज रोजाना की सुई लगाने से घबराते थे उनके लिए ये काफी आसान हो सकता है. इतना ही नहीं नई इंसुलिन से शुगर को अच्छे से कंट्रोल किया जा सकता है जितना डेली इंसुलिन में करने में परेशानी हो सकती है. यानी कई मामले में ये बेहतर विकल्प पाई गई है. भारतीय मरीजों पर भी इसका असर बिल्कुल सुरक्षित और डेली इंसुलिन जैसा ही मिला है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

