Doom Scrolling How Does It Affect The Brain: आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक कई लोग लगातार मोबाइल स्क्रीन पर समय बिताते हैं. स्क्रीन पर समय बिताने का मतलब है कुछ लोग जरूरी जानकारियों के लिए फोन चलाते हैं तो कुछ लोग काम के सिलसिले में फोन स्क्रीन के साथ जुड़े होते हैं.
दरअसल स्क्रीन स्क्रॉल करने की आदत यहीं से डेवलप होती है. स्क्रीन स्क्रॉल का सीधा सा मतलब है व्यक्ति का सोशल मीडिया पर समय बिताना. सोशल मीडिया में तरह-तरह की जानकारियां आती है. कुछ जानकारियां काम की होती हैं तो कुछ दिमाग को शांत करने के लिए एंटरटेन के उद्देश्य से देखी जाती हैं. लेकिन यहीं जरूरी जानकारियां को बीच जब कुछ स्क्रॉल दिमाग पर गहरे असर डालने वाले होते हैं उसे डूम स्क्रॉलिंग कहा जाता है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे क्या होती डूम स्क्रॉलिंग? इससे बचने के क्या-क्या उपाय हैं?
क्या होती है डूम स्क्रॉलिंग
Doom Scrolling वह आदत है, जिसमें कोई व्यक्ति लगातार लंबे समय तक मोबाइल, सोशल मीडिया या न्यूज फीड पर दिमाग पर बुरे प्रभाव वाले पोस्ट देखते हैं. इस तरह के पोस्ट दिमाग पर बुरा असर डालते हैं. साथ ही ये दिमाग में नेगेटिविटी, स्ट्रेस और डिप्रेशन बढ़ाने का काम करते हैं. इस तरह के पोस्ट देखने को ही Doom Scrolling कहा जाता है. डूम स्क्रॉलिंग के कारण तनाव, एंग्जाइटी, नींद की समस्या, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और मेंटल हेल्थ बढ़ सकती है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया और न्यूज देखने का समय सीमित रखें और डिजिटल ब्रेक जरूर लें.
दिमाग पर डाल रहा बुरा असर
एक्सपर्ट कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति लगातार नेगेटिविटी से भरा कंटेंट देखता है, तो उसे दिमाग पर सीधा असर पड़ता है. उसे लगता है कि दुनिया में सिर्फ बुराई ही बुराई है. ऐसे में व्यक्ति पर के अंदर डर, बेचैनी और चिंता बढ़ जाती है. इस तरह की चिंताएं और स्ट्रेस नींद की क्वालिटी पर भी गहरा असर डालती है. गौरतलब है कि स्ट्रेस दिमाग पर बुरा प्रभाव डालती है. ऐसे में शरीर और दिमाग दोनों डिप्रेशन में रहने लगता है. जब व्यक्ति के दिमाग में हर समय बुरी चीज़ें चलती रहती है तो उसकी नींद पूरी नहीं हो पाती और अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और काम में मन न लगने जैसी समस्याएं परेशान करती है. हर कुछ सेकंड में बदलती पोस्ट और वीडियो दिमाग पर गहरा असर डालती है. ऐसे में फोकस करने में भी कठिनाई आती है.
लगातार नेगेटिविटी से भरे कंटेंट देखने वाले लोगों में उदासी, चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान जैसे लक्षण ज्यादा दिखाई दे सकते हैं. जब दिमाग बार-बार परेशान करने वाली जानकारी लेता है, तो इसका असर व्यक्ति के इमोशनल बैलेंस पर पड़ सकता है. कई बार व्यक्ति बिना किसी बड़ी वजह के भी परेशान या निराश महसूस कर सकता है. लगातार स्क्रीन देखने और जानकारी का ज्यादा बोझ दिमाग को थका सकता है. इसके कारण सिरदर्द, बेचैनी और काम करने की क्षमता में कमी महसूस हो सकती है. इससे बचने के लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं.
डूम स्क्रॉलिंग से कैसे बचें?
- सोशल मीडिया का इस्तेमाल लिमिट में करें.
- सोने से कम से कम 1 घंटे पहले फोन को दूर रख दें.
- सही और ट्रस्टेड सोर्स से ही खबरें पढ़ें.
- नेगेटिव खबरों के साथ पॉजिटिव और मोटिवेशनल कंटेंट भी देखें.
- दिन में कुछ समय मोबाइल और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहें.
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FAQs
सवाल: Doom Scrolling की आदत को कैसे कम किया जा सकता है?
जवाब: सोशल मीडिया और न्यूज देखने का समय सीमित करें, सोने से पहले मोबाइल से दूरी बनाएं, सकारात्मक कंटेंट देखें और डिजिटल ब्रेक लें. योग, एक्सरसाइज और परिवार के साथ समय बिताना भी दिमाग को रिलैक्स रखने में मदद कर सकता है.
सवाल: Doom Scrolling का दिमाग पर क्या असर पड़ता है?
जवाब: लगातार नेगेटिव कंटेंट देखने से दिमाग में तनाव और चिंता बढ़ सकती है. इससे नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है, ध्यान लगाने में परेशानी, चिड़चिड़ापन, मानसिक थकान और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
सवाल: Doom Scrolling की आदत को कैसे कम किया जा सकता है?
जवाब: सोशल मीडिया और न्यूज देखने का समय सीमित करें, सोने से पहले मोबाइल से दूरी बनाएं, सकारात्मक कंटेंट देखें और डिजिटल ब्रेक लें. योग, एक्सरसाइज और परिवार के साथ समय बिताना भी दिमाग को रिलैक्स रखने में मदद कर सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

