Ebola Virus 2026: WHO ने सोमवार को इबोला वायरस को लेकर कड़ी चिंता जाहिर की है. दरअसल दुनियाभर में इस वायरस का खतरा तेजी से मंडरा रहा है. जिसे देखते हुए हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया गया है. इसे लेकर चिंता इसलिए जताई जा रही है क्योंकि अफ्रीका में इसे लेकर अब तक 80 से अधिक मौतों के आंकड़ें सामने आ चुके हैं. यही वजह है कि इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया गया है.
इससे पहले तक कोरोनावायरस, नोरोवायरस और हंतावायरस ने खूब प्रकोप फैलाया. लोगों के बीच वायरस को लेकर डर बढ़ना शुरू हो गया है. कई सवाल मन में उठ रहे हैं कि क्या ये भारत पर भी हमला करेगा? क्यों इस वायरस से डरने की जरूरत है. यही कुछ सवालों के जवाब आपको हम इस लेख के जरिए देने आए हैं. आइए डिटेल्ड में इस वायरस के बारे में जानते हैं.
खतरनाक है इबोला वायरस
इस वायरस को लेकर चिंता इसलिए होने लगी क्योंकि ये बेहद खतरनाक बीमारी मानी जा रही है. दरअसल इससे होने वाली मृत्यु दर काफी ज्यादा मानी जा रही है. अब इसका संक्रमण कैसे फैलता है? तो बता दें कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर में मौजूद कोई भी तरल पदार्थ जैसे खून, उल्टी, छींक यहां तक की स्पर्म के संपर्क में आने से या फिर जो जानवर इस बीमारी से संक्रमित है उसके संपर्क में आने से फैलता है. हालांकि ये पहली बार नहीं जब अफ्रीका में इस वायरस के मामले सामने आए है. इससे पहले भी इसके मामले सामने आए हैं. लेकिन अब इसलिए चिंता अधिक जताई जा रही है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों के अंदर 300 से अधिक मामले वायरस के सामने आ चुके हैं. इतना ही नहीं 80 से अधिक लोगों की जान भी जा चुकी है. नतीजा विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने इस वायरस को लेकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर डाली है.
अफ्रीका में फैला, अन्य देश में डर क्यों?
वहीं अभी इस वायरस के अफ्रीका में तेजी से फैलने की जानकारी सामने आई है. जिसके चलते ये सवाल आता है कि आखिर अन्य देश क्यों डरे क्यों अलर्ट रहे. इसका जवाब भी साफ है दरअसल जो लोग विदेशी यात्रा पर हैं और अगर अफ्रीका में ट्रैवल कर रहे हैं, तो ये वायरस उन व्यक्तियों को भी अपनी चपेट में ले सकता है.
क्योंकि लगातार इसके अन्य इलाकों में भी फैलने की आशंका जताई जा रही है. जिसके चलते दुनिया के कई देशों को इससे अलर्ट रहने की चेतावनी दी गई है. साथ ही ग्लोबल इमरजेंसी घोषित की गई है. WHO का भी कहना है कि अगर संक्रमित मरीजों को समय रहते हुए आइसोलेट नगीं किया गया तो ये तेजी से दूसरे व्यक्तियों में भी फैल सकता है. साथ ही दूसरे देशों तक पहुंचने में इसे समय नहीं लगेगा. वहीं अधिक चिंता इसलिए भी है क्योंकि अब तक इस वायरस को लेकर कोई वैक्सीन नहीं तैयार की गई है.
क्या कोरोना से अधिक खतरनाक है ये वायरस
जिस तरह तेजी से कोरोनावायरस फैला था. लोगों को मास्क पहनने की जरूरत थी, क्या इस वायरस में भी ऐसा होगा? तो बता दें कि ये कोरोनावायरस से काफी अलग है. क्योंकि ये हवा में नहीं है यानी सांस के जरिए नहीं फैलता. इसके फैलने के लिए किसी संक्रमित व्यक्ति के कॉन्टैक्ट में रहना जरूरी है तब ये दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है.
इस कारण ये कोरोना की तरह बढ़ जाए अब तक ऐसी आशंका नहीं है. लेकिन बावजूद इसके इसे कोरोना से अधिक खतरनाक इसलिए माना जा रहा है क्योंकि मृत्यु दर कोविड से कई अधिक है. इस कारण से अलर्ट रहने की सलाह दी जा रही है. फिलहाल घबराने वाली बात उतनी नहीं है लेकिन अलर्ट रहना काफी जरूरी है. इसके लिए एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग, संक्रमित देशों से आने वाले व्यक्तियों की यात्रा पर निगरानी जैसे कदम उठाने का फैसला लिया जा सकता है.
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