Ek Din Me Kitni Chai Piye: 24 घंटे के अंदर कितनी मात्रा में चाय का सेवन करना चाहिए? चाय सिर्फ ड्रिंक नहीं बल्कि ये दिलों से जुड़ा ऐसा पेय पदार्थ है जो लोगों के चेहरे पर खुशी ले आता है. हर गली-मोहल्ले के नुक्कड़ पर चाय की दुकान मिल ही जाती है. और वहां पर लोगों का समूह जो चाय की चुस्कियां ले रहा होता है. लेकिन जरूरत से ज्यादा चाय का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है.
लोग अपने दिन की शुरूआत चाय के साथ करते हैं. लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखने बेहद जरूरी है. क्योंकि एक्सपर्ट कहते हैं कि इसकी मात्रा ज्यााद होने पर सेहत को कई तरह के नुकसान पुहंचा सकती है. इसलिए इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे 24 घंटे के अंदर कितनी मात्रा में चाय पीनी चाहिए. बता दें कि चाय का ज्यादा सेवन शरीर में एसिडिटी, अनिद्रा, और घबराहट की समस्या कर सकता है, चाय में मौजूद टैनिन शरीर में आयरन को सोखने की क्षमता को कम कर देते हैं, जिससे एनीमिया (खून की कमी) और थकान हो सकती है. इसलिए कोशिश करे कि चाय का सेवन कम करें.
24 घंटे में कितनी चाय पीनी चाहिए?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक एडल्ट व्यक्ति को 24 घंटे में 2 से 3 कप (करीब 300-400 मिलीग्राम कैफीन) से अधिक चाय का सेवन नहीं करना चाहिए. क्योंकि चाय में कैफीन की मात्रा होती है जो नींद में कमी, एसिडिटी, और शरीर में आयरन की कमी कर सकती है.
चाय पीने के नुकसान
- चाय का सेवन पेट से जुड़ी समस्याएं कर सकता है. गैस, एसिडिटी, और सीने में जलन जैसी समस्या कर देता है.
- चाय में कैफीन के कारण नींद आने में दिक्कत हो सकती है. इसलिए अगर आप जरूरत से ज्यादा चाय का सेवन करते हैं तो ये आपकी नींद को नुकसान पहुंच सकता है.
- चाय का सेवन शरीर में आयरन की कमी कर सकता है. चाय में मौजूद टैनिन (Tannins) नाम का तत्व भोजन से मिलने वाले आयरन को बांध (bind) लेता है. इस कारण आंतें आयरन को अवशोषित नहीं कर पाती और वह बिना पचे शरीर से बाहर निकल जाता है. इसलिए आपको भोजन के तुरंत बाद चाय पीने से बचना चाहिए.
- चाय के सेवन से हड्डियों पर भी बुरा असर पड़ता है. इनमें मौजूद कैफीन, टैनिन और ऑक्सालेट के कारण हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है. चाय पीने से शरीर में कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित होता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं.
- चाय में मौजूद एसिड के कारण दांतों की चमक कम हो जाती है और वे पीले होने लगते हैं.
कैफीन क्या है?
कैफीन एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला उत्तेजक (Stimulant) पदार्थ है, जो मुख्य रूप से हमारे मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है. यह थकान मिटाने, मानसिक सतर्कता (Alertness) बढ़ाने और ऊर्जा का अहसास कराने के लिए जाना जाता है. वहीं हमारे दिमाग में ‘एडेनोसिन’ (Adenosine) नाम का एक रसायन बनता है, जो हमें प्राकृतिक रूप से थकान और नींद का अहसास कराता है. लेकिन जब हम कैफीन का सेवन करते हैं तो ये कैफीन सीधे रूप से एडेनोसिन पर असर करता है. यह दिमाग के रिसेप्टर्स पर एडेनोसिन की जगह खुद बैठ जाता है, जिससे थकान और नींद का संकेत दिमाग तक नहीं पहुंच पाता, जिससे हमें नींद का एहसास नहीं होता.
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