Gum & Sensitivity Treatment: सालों से टीवी और अखबारों के विज्ञापनों में हमें यह बताया जाता रहा है कि किसी खास दंत मंजन का इस्तेमाल करने से दांत मोतियों की तरह चमकने लगते हैं. कई लोगों के मन में आज भी यही धारणा है कि जितना महंगा या पारंपरिक दंत मंजन होगा, दांत उतने ही सफेद और मजबूत बनेंगे. लेकिन दंत विशेषज्ञों की राय इससे अलग है. उनके अनुसार दांतों की असली चमक किसी चमत्कारी पाउडर या मंजन से नहीं, बल्कि सही तरीके से रोजाना की गई सफाई से आती है.
डेंटिस्ट डॉ. रोहिणी तिखा बताती हैं कि बाजार में मिलने वाले कई दंत मंजन ऐसे होते हैं जिनमें सफाई करने वाले खुरदरे कण मौजूद होते हैं. शुरुआत में इनका इस्तेमाल करने से दांत ज्यादा चमकदार महसूस हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक लगातार उपयोग करने पर यही कण दांतों की सबसे बाहरी सुरक्षा परत यानी इनैमल को धीरे-धीरे घिसने लगते हैं. इनैमल हमारे दांतों का सबसे मजबूत हिस्सा होता है और एक बार यह घिस जाए तो शरीर इसे दोबारा नहीं बना सकता. यही कारण है कि ऐसे लोगों में समय के साथ दांतों में झनझनाहट, ठंडा-गरम लगना और अन्य समस्याएं दिखाई देने लगती हैं.
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महंगे टूथ ब्रश लेना चाहिए या नहीं?
यही वजह है कि अगर आपके दांत पूरी तरह स्वस्थ हैं और आपको कोई विशेष समस्या नहीं है, तो किसी महंगे, रंग-बिरंगे या आकर्षक विज्ञापनों वाले टूथपेस्ट के पीछे भागने की जरूरत नहीं है. सामान्य फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट रोजाना इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त होता है. फ्लोराइड दांतों को मजबूत बनाने और कैविटी से बचाने में मदद करता है. यदि किसी व्यक्ति को मसूड़ों से खून आना, दांतों में झनझनाहट या बार-बार कैविटी होने जैसी समस्याएं हैं, तो उसके लिए अलग तरह का मेडिकेटेड टूथपेस्ट डॉक्टर की सलाह पर चुना जाना चाहिए.
टूथपेस्ट खरीदने का सही तरीका क्या है?
आजकल बाजार में लाल, बैंगनी, चारकोल, क्रिस्टल और कई तरह के रंगीन टूथपेस्ट उपलब्ध हैं. इनके आकर्षक रंग और विज्ञापन लोगों को जल्दी प्रभावित कर देते हैं, लेकिन केवल रंग या पैकेजिंग देखकर टूथपेस्ट नहीं चुनना चाहिए. दांतों की देखभाल में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका टूथपेस्ट की नहीं, बल्कि सही ब्रशिंग तकनीक और नियमित सफाई की होती है. यदि ब्रश सही तरीके से नहीं किया जा रहा है, तो सबसे महंगा टूथपेस्ट भी दांतों को स्वस्थ नहीं रख सकता.
इसी तरह नमक वाले टूथपेस्ट को लेकर भी लोगों में कई तरह की धारणाएं हैं. वर्षों से यह प्रचार किया जाता रहा है कि नमक मसूड़ों को मजबूत बनाता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि नमक में ऐसे गुण जरूर होते हैं जो मसूड़ों की हल्की सूजन कम करने और उनकी मालिश में मदद कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि नमक वाला टूथपेस्ट साधारण फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से बेहतर है.अगर कोई व्यक्ति घर पर नमक और सरसों के तेल से मसूड़ों की मालिश करता है या ऑयल पुलिंग जैसी आदत अपनाता है, तो यह अतिरिक्त देखभाल हो सकती है, लेकिन इसे कभी भी ब्रश करने का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. दांतों की नियमित सफाई का सबसे प्रभावी तरीका आज भी सही तरीके से ब्रश करना ही है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

