SSBSK Scheme Launched: देश में नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जल्द ही समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (SSBSK) लॉन्च करेंगे.
इस नए कार्यक्रम का मकसद है कि जन्म से लेकर 3 साल (36 महीने) तक हर बच्चे को सही समय पर अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं और देखभाल मिले.
क्या है SSBSK?
SSBSK एक ऐसा राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो बच्चों की देखभाल से जुड़े दो पुराने कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ता है.
- होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (HBNC) – नवजात शिशु की घर पर देखभाल
- होम-बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड (HBYC) – छोटे बच्चों की घर पर देखभाल
इन दोनों को मिलाकर अब बच्चों की जन्म से 3 साल तक लगातार निगरानी और देखभाल की जाएगी.
‘एट-रिस्क’ बच्चों को मिलेगी खास देखभाल
अगर कोई नवजात या बच्चा स्वास्थ्य के लिहाज से ज्यादा जोखिम (At Risk) में पाया जाता है, तो उसकी विशेष निगरानी की जाएगी. जन्म के बाद पहले 42 दिनों में 9 बार घर जाकर जांच और देखभाल की जाएगी. इसके बाद 3 साल की उम्र तक 8 अतिरिक्त होम विजिट की जाएंगी. इससे किसी भी बीमारी या परेशानी का समय रहते पता लगाया जा सकेगा.
घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
इस कार्यक्रम में कई स्वास्थ्य कर्मी मिलकर काम करेंगे, जैसे:
- ASHA कार्यकर्ता
- ANM
- कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO)
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
ये सभी मिलकर बच्चों की नियमित जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर सही इलाज की व्यवस्था भी करेंगे.
हर महीने होगा बच्चों का हेल्थ चेकअप
अब आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में हर महीने शिशु स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे. इसके अलावा Village Health, Sanitation and Nutrition Day (VHSND) के दौरान Well Baby Session भी आयोजित किए जाएंगे, जहां बच्चों की ग्रोथ, पोषण और स्वास्थ्य की जांच होगी.
मां की मानसिक सेहत पर भी रहेगा ध्यान
इस कार्यक्रम में पहली बार डिलीवरी के बाद मां की मानसिक स्वास्थ्य (Postpartum Mental Health) की भी जांच की जाएगी.
- साथ ही माता-पिता को यह भी बताया जाएगा कि
- बच्चे के साथ कैसे खेलें
- उसकी उम्र के अनुसार क्या गतिविधियां कराएं
- उसके मानसिक और शारीरिक विकास का कैसे ध्यान रखें
परिवार का सहयोग क्यों जरूरी है
SSBSK में डिजिटल तकनीक का भी इस्तेमाल होगा. इसके जरिए बच्चे की पूरी स्वास्थ्य जानकारी रिकॉर्ड होगी. समय पर टीकाकरण और जांच की जानकारी मिलेगी. जरूरत पड़ने पर तुरंत रेफरल किया जा सकेगा. यह सिस्टम JANANI, U-WIN, POSHAN Tracker और अन्य सरकारी पोर्टलों से जुड़ा रहेगा, जिससे बच्चों की जानकारी आसानी से साझा की जा सकेगी.
स्क्रीन टाइम को लेकर भी मिलेगी सलाह
सरकार ने इस कार्यक्रम में छोटे बच्चों के बढ़ते मोबाइल और स्क्रीन टाइम को भी ध्यान में रखा है. माता-पिता को सलाह दी जाएगी कि 3 साल से कम उम्र के बच्चों का स्क्रीन टाइम कम रखें. उन्हें ज्यादा से ज्यादा खेलने, बातचीत करने और शारीरिक गतिविधियों में शामिल करें. इससे बच्चे का दिमाग, भाषा और सामाजिक विकास बेहतर होगा.
क्या होगा फायदा?
इस नई योजना से नवजात और छोटे बच्चों की समय पर पहचान और इलाज होगा. कुपोषण और बीमारियों का खतरा कम होगा. बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर बेहतर ध्यान दिया जाएगा. मां और बच्चे दोनों को एक साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. जन्म से 3 साल तक बच्चों की देखभाल पहले से ज्यादा आसान और व्यवस्थित हो जाएगी. सरकार का मानना है कि जीवन के पहले तीन साल बच्चे के भविष्य की मजबूत नींव होते हैं. इसी सोच के साथ SSBSK कार्यक्रम हर बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर शुरुआत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

