Eye Drop Made Of Pig Semen: कैंसर एक गंभीर बीमारियों में से एक है. इसका नाम सुनते ही रूह कांप जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके इलाज की पूरी गारंटी अब तक नहीं दी जाती. खासतौर पर तब जब हम मेडिकल क्षेत्र में कई मुकाम हासिल कर चुके हैं. सभी जानते हैं कि कैंसर के कई प्रकार होते हैं, वहीं आंखों का कैंसर और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है. क्योंकि ये एक ऐसा कैंसर है जो हमारी आंखों के आसपास के सेल्स में शुरू होता है और धीरे-धीरे बढ़ता जाता है.
आंखों के इस गंभीर कैंसर से बचने के लिए साइंटिस्ट ने सफलता हासिल की है. जिससे मरीजों की उम्मीदें जगी है. दरअसल एक चौंकाने वाली रिसर्च सामने आई है. जिसमें साइंटिस्ट के अनुसार सूअर के सीमेन यानी स्पर्म से एक खास तरह के आई ड्रॉप तैयार की गई है. ये आई ड्रॉप आंखों के ट्यूमर को बढ़ने से रोकने में काफी हद तक हमारी मदद करती है. दावा है कि इससे आंखों की रोशनी को बचाया जा सकता है. मिली जानकारी के अनुसार इसे चूहों पर टेस्ट किया गया है. जिसके कई पॉजिटीव रिजल्टस् देखने को मिले. जानकारी के अनुसार इस रिसर्च को चीन की एक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने की है.
बच्चों के लिए भी किया जा सकता इस्तेमाल
ऐसा कहा जा रहा है कि इस आई ड्रॉप का कोई साइड इफेक्ट नहीं है. यहां तक की इसे बच्चों में होने वाले कैंसर जिसे रेटिनोब्लास्टोमा कहा जाता है. उसके इलाज में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. जानकारी के लिए बता दें कि आमतौर पर कैंसर का जब इलाज किया जाता है तो इंजेक्शन, कीमोथेरेपी, लेजर थेरेपी या फिर सर्जरी करवाई जाती है. लेकिन इसके कई साइड इफेक्ट्स हैं. अब नई रिसर्च में ऐसा खुलासा हुआ है कि सुअर के स्पर्म से तैयार की गई ये आई ड्रॉप आंख के रेटिना तक आसानी से पहुंच जाती है. साथ ही इसका कोई साइड इफेक्ट भी देखने को नहीं मिलता.
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कैसे काम करती है ये आई ड्रॉप
जानकारी के अनुसार इस ड्रॉप में एक्जोसोम नाम के छोटे-छोटे कण होते हैं. ये एक्जोसोम कैंसर को मारने वाले दवाओं के अणुओं को अपने साथ लेकर आंख के अंदर गहराई तक ले जाते हैं. अब जब इसे चूहों पर टेस्ट किया गया तो उसमें पाया कि इसके ड्रॉप से ट्यूमर जो बढ़ सकता था उसे रोक लिया गया. यानी ट्यूमर का आकार इसकी मदद से बढ़ने से रोक लिया गया. हालांकि ये एक ऐसा तरीका है जो सिर्फ आंखों के कैंसर तक ही सीमित नहीं है. कहा जा रहा है कि इसका इस्तेमाल अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में भी किया जा सका है. अल्जाइमर जो एक ऐसी बीमारी है जिसमें इनसान के याद करने की क्षमता कमजोर हो जाती है और कई चीजें भूलने लग जाता है.
पुराने इलाज से होता है नुकसान
अब तक जो कैंसर के इलाज के लिए थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है. उसमें कीमोथेरेपी शामिल है. लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स हैं. जैसे आंख का जो हिस्सा हेल्दी है उसे भी काफी नुकसान पहुंचता है. नतीजा आंखों की रोशनी कम हो जाती है, या तो पूरी तरह चली जाती है. इस कारण से साइंटिस्ट इसका पुख्ता इलाज खोज रहे थे कोई ऐसी दवा की खोज की जा रही थी जो आंखों के अंदरूनी हिस्सों में भी जाकर पहुंचे और इसका नुकसान हेल्दी सेल्स को न पहुंचे.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


