Fatty Liver Disease: आधुनिकता की दौड़ में बीमारियों जितनी तेजी से फैल रही है, उतनी तेजी से कुछ ओर शायद ही फैल रहा हो. दरअसल पहले के समय में फैटी लिवर की समस्या को अल्कॉहल, शराब का सेवन करने वालों से जोड़कर देखा जाता था. लेकिन अब ये समस्या हर दूसरे इंसान को अपने गिरफ्त में ले रही है. आज के समय में इस बीमारी का संबंध ड्रिंक करने वाले व्यक्ति से जोड़कर ही नहीं देखा जाता. ये बीमारी किसी को भी आसानी से हो सकती है.
जर्नल Hepatology में छपी रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 30% वयस्क फैटी लिवर से प्रभावित हैं. वहीं भारत में प्रकाशित एक मेटा-एनालिसिस बताता है कि करीब हर तीन में से एक वयस्क में फैटी लिवर की समस्या पाई जा सकती है. इसका सबसे बड़ा कारण बिगड़की लाइफस्टाइल मानी जाती है. खासतौर पर भारतीय पुरुष इस बीमारी का अधिक शिकार हो रहे हैं.
क्यों पुरूषों में इस बीमारी की अधिक संभावना
फैटी लिवर पर हुई रिसर्च बताती है कि महिलाओं की तुलना इस बीमारी की अधिकतता पुरूषों में ज्यादा देखी जाती है. एक बड़े मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि महिलाओं में फैटी लिवर का जोखिम पुरुषों की तुलना में लगभग 19% कम था. एक्सपर्ट कहते हैं कि पुरुषों में पेट के आसपास अधिक चर्बी जमा होना, इंसुलिन रेजिस्टेंस, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और हार्मोनल अंतर इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं. वहीं इन पर हुई रिसर्च बताती हैं कि महिलाओं में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन प्रजनन आयु (Reproductive Age) के दौरान फैटी लिवर से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान कर सकता है, जिससे पुरुषों में इसका जोखिम अपेक्षाकृत अधिक देखा जाता है.
फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
फैटी लिवर के शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे “साइलेंट डिजीज” भी कहा जाता है. हालांकि कुछ लोगों में ये शुरुआती संकेत नजर आ सकते हैं. जैसे, लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या भारीपन, भूख कम लगना, पेट फूलना या अपच की समस्या, बिना कारण वजन कम होना, फोकस करने में परेशानी होना, शरीर में सुस्ती महसूस होना जैसे लक्षण फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं.
यदि फैटी लिवर की समस्या बढ़ने लगे, तो लिवर में सूजन का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या बढ़े हुए लिवर एंजाइम वाले लोगों को हेल्थ चेकअप कराते रहना चाहिए.
फैटी लिवर से बचने के उपाय
फैटी लिवर से बचाने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना सबसे कारगर तरीका माना जाता है. डेली रूटीन में बैलेंस्ड डाइट शामिल करें, इसके साथ ही तले-भुने, प्रोसेस्ड और अधिक चीनी वाले भोजन से उचित दूरी बनाकर रखें. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करना ना भूले. इससे वजन कंट्रोल में रहेगा. अगर आपका वजन अधिक है, तो धीरे-धीरे वजन कम करने की कोशिश करें. पर्याप्त नींद लें, धूम्रपान और शराब से बचें. हेल्थ चेकअप कराते रहें. ये आदतें फैटी लिवर के जोखिम को कम करने और लिवर को हेल्दी रखने में मदद करेगी.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

