Garlic Can Cure Cancer: अगर आप रोजाना लहसुन की एक कली खाएंगे तो कैंसर से बचाव हो सकता है. इसे लेकर कई बाते सामने आती हैं. कई लोग ऐसा दावा करते हैं, कि ऐसा करने से कैंसर का इलाज हो सकता है. लेकिन क्या सच में ये संभव है? या फिर महज एक मिथ है. भारत में कैंसर के इलाज के लिए लोग घरेलू उपाय अपनाते हैं. लेकिन ये कितना असरदार है इसपर रिसर्च बाकी है.
डिटेल में जानते हैं कि कैंसर से बचने में लहसुन की कली काम में आती है? क्या ये सच है या फिर मिथ है. इसका पता लगाए बिना कुछ लोग इसे रोजाना खाने लगते हैं. दरअसल लहसुन में कई तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं लेकिन ये कैंसर का इलाज है, ऐसा मानना गलत है.
क्या लहसुन करेगा कैंसर का इलाज?
दरअसल हमें कई बीमारियों से बचाने में लहसुन हमारी मदद करता है. कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से ये हमे बचाने में मदद कर सकता है. लेकिन कैंसर के खिलाफ ये जंग लड़ जाए ऐसा साबित कर पाना मुश्किल है. क्योंकि ऐसा कोई प्रूफ नहीं है. हालांकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इसमें हेल्थ बेनेफिट्स जरूर मिलते हैं.
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लहसुन के सेवन के कई फायदें मिलते हैं. क्योंकि इसमें विटामिन बी, विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इतना ही नहीं इसमें कुछ सल्फर यौगिक भी पाए जाते हैं जैसे एलिसिन और एस एल एल सिस्टीन मौजूद होते हैं. जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. यही गुण हमारे शरीर को लाभ पहुंचाते हैं.
लहसुन नहीं करता है मदद
अब अगर बात करें कि क्या लहसुन कैंसर के खतरे को कम करता है? इसका जवाब है कि ये एक मिथक है. क्योंकि ये अब तक किसी भी रिसर्च में साबित नहीं हुआ कि कैंसर लहसुन को ठीक कर सकता है या फिर नहीं. यह अपने आप में कैंसर रोधी उपचार है. रिसर्च के आधार पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर एक हफ्ते में 5 से 10 ग्राम या फिर उससे अधिक मात्रा में भी लहसुन का सेवन करते हैं तो पेट के कैंसर या फिर कोलेरेक्टल कैंसर के खतरे में कमी देखी जा सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

