Navratri 2026: नवरात्रि में लोग 9 दिनों का लंबा फास्ट रखते हैं. कई लोगों का मानना होता है कि वह बिना खाएं-पिए रहेंगे वहीं फास्ट कहलाता है. लंबे समय तक कुछ नहीं खाना-पीना, तला हुआ खाना, या फिर एक साथ खाने पर व्रताहार लेने पर पेट में एसिडिटी गैस जेसी समस्या हो सकती है. एसिडिटी या गैस की समस्या के कारम पेट फूला-फूला लगता है.
वहीं जब पेट सही नहीं रहता तो तबीयत खराब होने लगती है, जिससे पेट संबंधी समस्याएं परेशान करती हैं. वहीं हेल्थ एक्सपर्ट बताते है कि व्रत के दौरान कुछ ऐसे फूड्स होते है जिनके सेवन से पेट की समस्या सही रहती है. पाचन सही रहता है और एसिडिटी होने का खतरा भी नहीं रहता. साथ ही पेट की गैस कम होने में मदद मिलती है. ये फूड कमजोर पाचन को बेहतर करता है, सेहत के लिहाज से सही रहता है और हल्का होता है जिससे पेट पर दबाव नहीं पड़ता और ग्लूटन फ्री भी होता है. चलिए जानते है किस फूड को खाने से पेट संबंधी समस्या परेशान नहीं करेंगी.
व्रत में ये आटा रहेगा बेस्ट
एक्सपर्ट बताते है कि व्रत में अक्सर सिंघाड़े का आटा खाना बेहतर रहता है. ये आटा सात्विक होने के साथ-साथ ग्लूटन फ्री और हल्का भी होता है. इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स शरीर को कई तरह से पोषण देते हैं. बता दें कि सिंघाड़े का आटा (Water Chestnut Flour) पोषक तत्वों का पावरहाउस है, जिसमें मुख्य रूप से पोटेशियम, मैंगनीज, तांबा (कॉपर), मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे मिनरल्स भरपूर पाए जाते हैं. वहीं ये ग्लूटेन-फ्री होने के साथ-साथ आयोडीन, आयरन और जिंक का भी अच्छा सोर्स है, जो हड्डियों, मांसपेशियों और थायराइड स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन होता है.
सिघांड़े का आटा एक्सट्रा पानी शरीर से करता बाहर
सिंघाड़े का आटा (Water Chestnut Flour) पौटेशियम से भरपूर होता है. इसलिए इसके सेवन से शरीर में पानी नहीं जमता. बता दें कि पोटेशियम एक खनिज लवण होता है जो शरीर में पानी को बैलेंस करता है. इससे शरीर में सूजन कम होती है. यह खनिज खासतौर पर शरीर की कोशिकाओं के अंदर तरल पदार्थ को बैलेंस करता है और सोडियम यानि नमक के प्रभाव को कम करके एक्स्ट्रा पानी को शरीर से बाहर निकालता है. जिससे शरीर में पानी नहीं जमता.
एनर्जी का बेस्ट सोर्स
सिंघाड़े के आटे में कई पोषक तत्व, खनिज लवण यानि मिनरल्स पाए जाते हैं. जिससे यह शरीर को एनर्जी से भर देता है. ये आटा कार्बोहाइ़ड्रेट्स का अच्छा सोर्स होता है. इसमें आयरन, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस भरपूर होते हैं. व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है. ऐसे में सिंघाड़े का आटा खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है.
ग्लूटेन फ्री होता सिंघाड़े का आटा
सिंघाड़े का आटा ग्लूटेन फ्री होता है. ग्लूटेन फ्री होने का मतलब है कि आटे में गेहूं, जौ और राई में पाया जाने वाला प्रोटीन नहीं होता. ये आटा उन लोगों के लिअ बेहतर होता है जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी होती हैं. इसलिए ये आटा व्रत के दौरान खाया जाने वाला बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. ये सूखे सिंघाड़े से बनता है. इसे पचाना आसान होता है. इसलिए इसके खाने से पेट संबंधी परेशान नहीं करती.
वजन घटाने में मदद
फाइबर से भरपूर होने के चलते सिंघाड़े का आटा वजन कम करने में भी मदद करता है. जिन लोगों को इस बात की फ्रिक रहती है कि व्रत के दौरान तला-भुना या फिर व्रताहार करने से उनका वजन बढ़ सकता है, तो ऐसे में वो लोग अपनी थाली में इस आटे को जरूर शामिल कर सकते हैं.
कैसे करें थाली में शामिल
सिंघाड़े के आटे से कई तरह के स्वादिष्ट भोजन बनाए जा सकते हैं. जैसे- पूरी, पराठा, हलवा, चीला, पकौड़े, गुलगुले (मीठे पकौड़े), बर्फी जैसी चीजे बनाई जा सकी हैं.वहीं इसे आप आलू या अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर भी खा सकते हैं.
फलाहारी पकौड़े: सिंघाड़े के आटे, आलू, हरी मिर्च, सेंधा नमक और धनिया का उपयोग करके.
चीला: इसे दही और सेंधा नमक के साथ मिलाकर नाश्ते के लिए बनाया जाता है.
पूरी और पराठा: व्रत में आलू की सब्जी के साथ.
गुलगुले: मीठे या नमकीन स्वाद वाले.
हलवा: घी में भूनकर और चीनी या गुड़ मिलाकर तैयार किया जाता है.
बर्फी: सिंघाड़े के आटे से मीठी बर्फी भी बनाई जा सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


