PCOS Renamed PMOS: महिलाओं के पीरियड्स में जब भी गड़बड़ी होती है तो उन्हें PCOS की चिंता सताती है. यही नाम उनके जुबान पर रहता है लेकिन अब इस बीमारी का नाम बदल गया है. दरअसल इस बीमारी से 5 में से 1 महिला पीड़ित मिलती है. लेकिन अधिकांश मामलों में सही समय पर इसकी पहचान न हो पाने के कारण महिलाओं में ये बीमारी गंभीर रूप ले लेती है.
PCOS का पूरा नाम पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome) है, इसे अब नए नाम से जाना जाएगा. डॉक्टर्स और रिर्सच टीम का मानना है कि पुराने नाम से आम लोगों को बीमारी की सही समय पर पहचान करने में समय लगता था. वहीं नाम के बदलने से अब बीमारी को ज्यादा अच्छे से समझा जाएगा. नए नाम से बीमारी को अच्छे से परिभाषित किया गया है. बता दें कि ये बीमारी पीरियड्स से नहीं जुड़ी बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करती है.
क्यों बदला नाम?
PCOS यानि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम युवा महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है. इसका नाम इसलिए बदला क्योंकि पुराना नाम इस बीमारी को सही ढंग से नहीं बता पाता था. PCOS से PMOS किया गया है. नए नाम के जरिए इस बीमारी की पहचान सही ढ़ंग से हो पाएगी.
बता दें कि नाम बदलने को लेकर दुनियाभर से राय ली गई है. वहीं 14 हजार लोगों के सर्वे के बाद इस बीमारी के नाम में बदलाव किया गया है. इंटरनेशनल वर्कशॉप्स और 56 मेडिकल संस्थाओं की सलाह के बाद PMOS नाम पर सहमति बनी पाई है. नाम के बदलाव करने से बीमारी की सही पहचान और बेहतर इलाज में मदद मिलेगी.
नाम बदलने की बड़ी वजह
दरअसल इस बीमारी का नाम बदलने की बड़ी वजह ये है कि कई लोगों को PCOS नाम सुनकर लगता था कि ये ओवरी में सिस्ट बनने के प्रोसेस पर असर डालती है. जबकि इस बीमारी की पहचान सिर्फ सिस्ट प्रक्रिया का बाधित होना नहीं बल्कि पूरे शरीर के हार्मोन डिसबैलेंस, मेटाबॉलिज्म और एंडोक्राइन सिस्टम पर गहरा असर डालती है. नाम बदलने से इस बीमारी की ओर अच्छे से पहचान हो सकेगी. लोगों को समझ में आएगा कि ये बीमारी सिर्फ पीरियड्स और ओवरी की समस्या नहीं बल्कि हार्मोनल और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर से जुड़ी है.
मिला नया नाम
इस बीमारी को अब पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) (PMOS) कहा जाएगा. बीमारी के नाम में सिर्फ M शब्द का बदलाव हुआ है इसका मतलब है. P यानि पॉलीएंडोक्राइन (Polyendocrine), जो शरीर में हार्मोन्स की गड़बड़ी से जुड़ा है. M यानि मेटाबॉलिक (Metabolic), जो शरीर के वजन, ब्लड शुगर और इंसुलिन पर गहरा प्रभाव डालती है. वहीं O यानि ओवेरियन (Ovarian), जो रिप्रोडक्टिव हेल्थ और ओव्यूलेशन से जुड़ी समस्या है. S यानि सिंड्रोम (Syndrome), जो कई लक्षणों का एक साथ दिखाई देने को बताती है. सरल शब्दों में कहे तो ये समस्या हार्मोनल और मेटाबॉलिक समस्या से जुडी है.
PMOS के लक्षण क्या है?
- चेहरे पर ज्यादा बाल आना
- पीरियड साइकिल का बिगड़ना
- एक्ने की समस्या होना
- इसके अलावा तेजी से वजन बढ़ना
- प्रेग्नेंसी में दिक्कत होना, मूड स्विंग होना. एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं.
- वहीं इस बीमारी में डायबिटीज और दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है.
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