Healthy Evening Snacks: चिप्स, नमकीन, बिस्किट, कुरकुरे जैसी चीज़ें लोग हल्की-फुल्की भूख लगने पर खाते हैं. इन स्नैक्स को तेजी से पसंद किया जा रहा है. छोटे बच्चे से लेकर बड़ों तक इसके फैन हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से देखा जाए तो इनके नुकसान ज्यादा हैं. लेकिन अगर आज के आर्टिकल में हम बात करेंगे कि इन स्नैक्स को कुछ भारतीय स्नैक्स आसानी से रिप्लेस कर सकते हैं.
दरअसल भारत में पारंपरिक स्नैक्स की एक समृद्ध विरासत देखने को मिलती है. यह स्वाद और पोषण दोनों में बेहतरीन माने जाते हैं. मुरमुरा भेल, ढोकला, इडली, पोहा, भुना चना और स्प्राउटेड मूंग चाट जैसे स्नैक्स हैं जो भारत के कोने-कोने में देखने को मिलते हैं. यह न केवल खाने में स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं. इनमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने और एनर्जी बनाए रखने में मदद करते हैं.चिप्स, नमकीन, बिस्किट, कुरकुरों की तुलना में ये अधिक हेल्ती माने जाते हैं. अगर आपको कभी हल्की-फूल्की भूख लगे तो आप इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
मुरमुरा भेल: हल्की भूख के लिए बेहतरीन विकल्प
मुरमुरा भेल एक स्वादिष्ट और कम कैलोरी वाला स्नैक है. इसमें मुरमुरे के साथ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया और नींबू का रस मिलाया जाता है. फाइबर और विटामिन से भरपूर यह स्नैक पेट को भरा हुआ महसूस कराता है और शाम की भूख को शांत करने का अच्छा तरीका है. सबसे खास बात यह है कि इसे मिनटों में तैयार किया जा सकता है.
ढोकला: स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
गुजरात का लोकप्रिय व्यंजन ढोकला हेल्दी स्नैक्स की सूची में सबसे ऊपर आता है. इसे भाप में पकाया जाता है, जिससे इसमें तेल की मात्रा बहुत कम रहती है. फर्मेंटेड बैटर से बनने की वजह से ये डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. हल्का और नरम होने की वजह से इसे नाश्ते या शाम के स्नैक के रूप में आसानी से खाया जा सकता है.
इडली: कम फैट, ज्यादा पोषण
दक्षिण भारतीय भोजन का अहम हिस्सा इडली भी एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक है. चावल और उड़द दाल से तैयार की जाने वाली यह डिश बच्चों बच्चों तक में मशहूर है. इडली स्टीम में पकती है, इसलिए इसमें एक्सट्रा ऑयल या फैट नहीं होता. यह आसानी से पच जाती है और पेट पर भारी भी नहीं पड़ती. सांभर और नारियल चटनी के साथ इसका स्वाद और पोषण दोनों बढ़ जाते हैं.
पोहा: एनर्जी से भरपूर नाश्ता
पोहा भारत के कई राज्यों में बेहद पसंद किया जाने वाला नाश्ता है। चिवड़े से बनने वाला यह व्यंजन हल्का होने के साथ-साथ आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें सब्जियां, करी पत्ता और मूंगफली मिलाने से इसका पोषण मूल्य और बढ़ जाता है। पोहा शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद कर सकता है।
भुना चना: प्रोटीन का बेस्ट स्रोस
भुना चना एक ऐसा स्नैक है जिसे कहीं भी और कभी भी खाया जा सकता है. इसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं. वजन कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह एक स्मार्ट स्नैकिंग विकल्प माना जाता है.
स्प्राउटेड मूंग चाट: स्वाद के साथ पोषण
अंकुरित मूंग से बनी चाट स्वाद और पोषण का बेहतरीन सोर्स है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. नींबू, प्याज, टमाटर और हल्के मसालों के साथ तैयार की गई यह चाट न केवल स्वाद बढ़ाती है बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देती है.
क्यों चुनें पारंपरिक भारतीय स्नैक्स?
पारंपरिक भारतीय स्नैक्स की सबसे बड़ी खासबात है कि इनमें ज्यादातर नेचुरल और फ्रैश इंग्रीडिएंट्स का प्रयोग किया जाता है. ये शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ जरूरी पोषण देने का काम भी करता है. वहीं, पैकेज्ड स्नैक्स में अक्सर अधिक मात्रा में नमक, ट्रांस फैट और कृत्रिम फ्लेवर मौजूद होते हैं, जिनका सेवन सेहत के लिए हानिकारक माने जाते हैं.
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सवाल:पारंपरिक भारतीय स्नैक्स खाने से क्या फायदे मिलते हैं?
जवाब: ये स्नैक्स पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और स्वाद के साथ जरूरी पोषक तत्व भी उपलब्ध कराते हैं.
सवाल: कौन-कौन से भारतीय स्नैक्स हेल्दी विकल्प माने जाते हैं?
जवाब: मुरमुरा भेल, ढोकला, इडली, पोहा, भुना चना और स्प्राउटेड मूंग चाट जैसे स्नैक्स हेल्दी विकल्प माने जाते हैं, क्योंकि इनमें पोषण भरपूर होता है.
सवाल: पैकेज्ड स्नैक्स की जगह पारंपरिक भारतीय स्नैक्स क्यों खाने चाहिए?
जवाब: पारंपरिक भारतीय स्नैक्स में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

