Monsoon Diet Tips: जून-जूलाई के महीने में बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है. ऐसे में खाने-पीने की चीज़ों को लेकर सतर्कता बरतनी जरूरी होती है. वातावरण में उमस के कारण बैक्टीरिया-फगस लगने का डर ज्यादा होता है. अगर व्यक्ति इन तरह के भोजन का सेवन कर ले तो उसे फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा रहता है. बरसात के मौसम में किन-किन जरूरी बातों को ध्यान में रखना चाहिए. आज के आर्टिकल में जानेंगे.
दरअसल बरसात के मौसम में जगह-जगह जलभराव की समस्या भी देखने को मिलती है. रूका हुआ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बनता है. दूषित पानी और भोजन के जरिए साल्मोनेला और विब्रियो कोलेरी जैसे खतरनाक बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं. ये सभी टाइफाइड और हैजा जैसी जानलेवा बीमारियां फैलाने का काम करते हैं. इसलिए बरसात के मौसम में साफ पानी पीने और आस-पास की सफाई रखने की सख्त सलाह दी जाती है.
ओवरईटिंग करना
बरसात के मौसम में हेल्दी रहने के लिए जरूरी है आप ओवरईटिंग से बचे रहें. ओवरईटिंग (Overeating) का मतलब है शरीर की जरूरत या भूख से अधिक मात्रा में भोजन करना. अगर आपका पेट भर जाएं तो लेकिन फिर भी वह स्वाद, तनाव या आदत के कारण खाना जारी रखता है, तो उसे ओवरईटिंग कहा जाता है. लेकिन बरसात के ऐसे मौसम में आपको इस आदत से परहेज करना चाहिए. ज्यादा खाना आपके डाइजेस्टिव सिस्टम पर बुरा असर डाल सकता है. ऐसे में आपको अपच, गैस, पेट फूलने जैसी समस्या हो सकती है.ओवरईटिंग करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं.
बाहर मिलने वाले जूस-पानी से करें परहेज
बाहर ढेले पर मिलना वाले जूस-पानी से बचकर रहना चाहिए. खुले में बिकने वाले जूस या पानी में बैक्टीरिया और हानिकारक सूक्ष्मजीव होते हैं. बरसात के मौसम में खुले में मिलने वाली पीने की चीज़ों में सूक्ष्म कीड़े आ जाते हैं जो आंखों से दिखाई नहीं देते. वह सूक्ष्म जीव आपकी सेहत को खराब कर सकता है. इसलिए खुले में बिकने वाला जूस-पानी के सेवन से बचें.
मसालेदार भोजन खाना
मसालेदार भोजन खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम पर असर पड़ सकता है. इसलिए इनके सेवन से बचना चाहिए. ये पेट में जलन, एसिडिटी और अपच की समस्या कर सकते हैं. मसालेदार भोजन खाने की बजाए हल्का और पचने वाला भोजन करना चाहिए. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि बरसात के मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है.
बासी भोजन खाना
बासी खाने में नमी के कारम बैक्टीरिया, फंगस यू सूक्ष्म कीड़े होने का खतरा हो सकता है. इसलिए बरसात के मौसम में बासी खाने से बचना चाहिए. बासी खाने से पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इस मौसम में खासतौर पर ताजा और साफ भोजन करना चाहिए.
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FAQs
सवाल: नमी वाले मौसम में पेट खराब होने का मुख्य कारण क्या है?
जवाब: इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से बढ़ते हैं, जिससे पेट संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
सवाल: कौन-सी खानपान की गलती पेट खराब कर सकती है?
जवाब: बासी या लंबे समय तक बाहर रखा खाना खाना.
सवाल: नमी वाले मौसम में क्या खाने से बचना चाहिए?
जवाब: तला-भुना, मसालेदार और अस्वच्छ जगह का खाना खाने से बचना चाहिए.
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