ILBS Convocation Union Minister JP Nadda: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आईएलबीएस (ILBS) के दसवें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया. संस्थान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान न केवल देश बल्की विश्व स्तर पर भी भारत का नाम रोशन कर रहा है. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने डिग्री धारक छात्राओं को बाधाई दी और दीक्षांत समारोह को उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा का महत्वपूर्ण अवसर बताया.
केंद्रीय मंत्री ने हेल्थ सेक्टर में संस्थान के महत्वपूर्ण योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि संस्थान (ILBS) न केवल इलाज तक सीमित है, बल्कि बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने, और लोगों को बीमारी के प्रति सावधान करने में भी उसकी अग्रणी भूमिका रही है. आजकल घर-घर फैटी लिवर की चर्चा हो रही है और इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने में ILBS ने बड़ा रोल निभाया है.
आईएलबीएस (ILBS) संस्थान क्या है?
बता दें कि आईएलबीएस (Institute of Liver and Biliary Sciences) भारत का एक प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा संस्थान है, जो लिवर (यकृत), पित्त नलिकाओं (Biliary System), पैंक्रियाज और संबंधित बीमारियों के इलाज, रिसर्च और मेडिकल पढ़ाई के लिए जाना जाता है.
इसकी स्थापना 2009 में हुई थी. यह नई दिल्ली में स्थित है. आईएलबीएस को सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ‘डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा भी प्राप्त है. आईएलबीएस को भारत में लिवर रोगों के इलाज और रिसर्च के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक माना जाता है.
आईएलबीएस में किन बीमारियों का इलाज होता है?
- फैटी लिवर (Fatty Liver)
- हेपेटाइटिस B और C
- लिवर सिरोसिस
- लिवर कैंसर
- पीलिया (Jaundice)
- पित्त की नली (Bile Duct) संबंधी रोग
- लिवर ट्रांसप्लांट
आईएलबीएस की विशेषताएं
- लिवर रोगों के लिए अत्याधुनिक जांच और उपचार
- लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा
- रिसर्च और मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख केंद्र
- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और संबंधित सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं
मेडिकल कॉलेजों की बढ़ी संख्या
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है. उन्होंने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई है, जबकि एमबीबीएस सीटें करीब 50 हजार से बढ़कर 1.20 लाख से अधिक हो चुकी हैं. साथ ही, अगले पांच वर्षों में 75 हजार अतिरिक्त मेडिकल सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग 25 हजार सीटें पहले ही जोड़ी जा चुकी हैं. वहीं, पीजी मेडिकल सीटों की संख्या भी 30 हजार से बढ़कर 80 हजार से अधिक हो गई है.
देश में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि देशभर में 1.85 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत आधार बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के जरिए करोड़ों लोगों की हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मुख कैंसर, स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की समय पर जांच की गई है, जिससे शुरुआती पहचान और बेहतर इलाज संभव हो पाया है.
उन्होंने कहा कि “स्वस्थ भारत के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता” और भविष्य में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, समय पर जांच और शीघ्र निदान ही देश की स्वास्थ्य रणनीति के प्रमुख आधार रहेंगे.
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