India On Organ Donation: भारत में अंगदान (Organ Donation) को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक 5 लाख से अधिक लोग मृत्यु के बाद अपने अंग दान करने का संकल्प ले चुके हैं. यह उपलब्धि देश में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण (Transplant) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 17 सितंबर 2023 से आधार-आधारित सत्यापन प्रणाली के जरिए लोगों को ऑनलाइन अंगदान के लिए पंजीकरण करने की सुविधा दी गई थी. इसके बाद से लाखों नागरिक इस अभियान से जुड़े हैं और अंगदान की शपथ ले चुके हैं.
पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े अंग ट्रांसप्लांट
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अंग ट्रांसप्लांट की संख्या में पिछले एक दशक के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2013 में जहां 5,000 से भी कम ट्रांसप्लांट किए जाते थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 20,000 पहुंच गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में हार्ट, लिवर, किडनी, फेफड़े और पैंक्रियाज जैसे जटिल अंग ट्रांसप्लांट अब बड़े स्तर पर किए जा रहे हैं। भारत दुनिया में कुल अंग प्रत्यारोपण के मामले में शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है.
मृत दाताओं से भी बढ़ रहा अंगदान
मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में करीब 18 प्रतिशत अंग प्रत्यारोपण ऐसे अंगों से हो रहे हैं जो मृत दाताओं (Deceased Donors) द्वारा दान किए गए हैं. वर्ष 2025 में 1,200 से अधिक परिवारों ने अपने प्रियजनों के निधन के बाद उनके अंग दान करने का फैसला लिया, जिससे हजारों मरीजों को नया जीवन मिला.
क्यों जरूरी है अंगदान?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हर साल लाखों मरीज किडनी, लिवर, हार्ट और अन्य अंगों के प्रत्यारोपण का इंतजार करते हैं. लेकिन अंगों की उपलब्धता कम होने के कारण कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता. ऐसे में अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए नई जिंदगी का मौका बन सकता है.
सरकार चला रही है जागरूकता अभियान
केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) लगातार लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि यदि अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आएंगे तो हजारों मरीजों की जान बचाई जा सकती है.
अंगदान वो प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद या कुछ मामलों में जीवित रहते हुए अपने अंग या ऊतक किसी जरूरतमंद मरीज को दान करता है. एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों की जिंदगी बचा सकता है और उन्हें बेहतर जीवन दे सकता है.
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