India diabetes guideline in children: हाल ही में स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय ने बच्चों के स्वास्थ्य को और भी मजबूत बनाने की दिशा में खास कदम उठाए हैं. इस कड़ी में राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान बच्चों में होने वाले डायबिटीज मेलिटस पर राष्ट्रीय गाइडलाइंस जारी की गई है. क्या खास होगा आइए जानते हैं.
जानकारी के अनुसार इस गाइडलाइंस के लागू होने से आसानी से बच्चों में डायबिटीज की पहचान में मदद मिल सकेगी. दरअसल डायबिटीज की स्क्रीनिंग और पहचान और इलाज में मदद मिलेगी. आपको बता दें कि सरकार की इस पहल के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है. जिन्होंने बच्चों में डायबिटीज की देखभाल को अपने पब्लिक हेल्थ सिस्टम में शामिल किया है.
बच्चों को मिलेगा डायबिटीज का मुफ्त इलाज
वहीं इस गाइडलाइन के लागू होते ही कई स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चों को डायबिटीज का मुफ्त इलाज मिलने की भी जानकारी सामने आई है. इसमें स्क्रीनिंग, जांच, सर्विस, जीवन भर इंसुलिन थेरेपी, ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स जैसे मॉनिटरिंग उपकरण साथ ही रेगुलर रूप से देखभाल शामिल हैं. वहीं इस तरीके को इस कारण से बनाया गया है ताकि इलाज का खर्च कम हो साथ ही डायबिटीज से पीड़ित बच्चों का सही समय पर और आसानी से इलाज हो सके.
इस मॉडल पर दिया जाएगा जोर
आपको बता दें कि बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज की पहचान करने के लिए 4Ts मॉडल अपनाया जाएगा. इस 4Ts मॉडल में टायलेट यानी बार-बार पेशाब आना, थर्स्ट यानी बार-बार प्यास लगना, टायर्ड यानी थकान और थिनर यानी दुबलापन होना. इस तरह के लक्षणों की पहचान पर जोर दिया जाएगा. इसी के साथ माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की देखभाल करने के लिए टाइप-1 डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों की जानकारी दी जाएगी. ताकि उसे आसानी से पकड़ा जाए.
बात करें कि आखिर इससे क्या फायदा होगा तो उम्मीद की जा रही है कि अगर बीमारी की शुरुआती लक्षणों के साथ पहचान कर ली जाए तो मृत्यु दर में काफी कमी लाई जा सकती है. बीमारी से होने वाली दूसरी समस्याओं को रोका जा सकता है. बच्चे की क्वालिटी लाइफ में सुधार आ सकता है. वहीं डायबिटीज के इलाज के इलावा भी इस गाइडलाइंस में परिवार और देखभाल करने वालों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी. उन्हें इंसुलिन देने के बारे में सिखाया जाएगा, ब्लड ग्लोकोज की निगरानी करने, इमजरजेंसी हालात से कैसे निपटे या फिर रोजाना बीमारी को कैसे मैनेज किया जाए. इसकी जानकारी दी जाएगी.
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FAQs
1. बच्चों में डायबिटीज की पहचान के लिए कौन-कौन से लक्षण बताए गए हैं?
बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज की पहचान के लिए चार प्रमुख लक्षण बताए गए हैं: बार-बार पेशाब आना, बार-बार प्यास लगना, थकान और दुबलापन।
2. डायबिटीज के बच्चों के लिए भारत सरकार की नई पहल क्या है?
भारत सरकार ने बच्चों में डायबिटीज की पहचान और इलाज को आसान बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें मुफ्त इलाज और स्क्रीनिंग सेवाएं शामिल हैं।
3. इस नई गाइडलाइन से बच्चों को कैसे फायदा होगा?
इस गाइडलाइन के तहत शुरुआती संकेतों की पहचान से इलाज जल्दी शुरू हो सकेगा, जिससे मृत्यु दर कम होगी और बच्चों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
4. डायबिटीज का मुफ्त उपचार किस तरह से उपलब्ध करवाया जाएगा?
स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग, जांच, जीवन भर इंसुलिन थेरेपी, ग्लूकोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप्स और नियमित देखभाल मुफ्त में प्रदान की जाएगी।
5अधिक जानकारी के लिए किन स्रोतों का सहारा लिया जा सकता है?
अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिसियल स्वास्थ्य वेबसाइट्स, विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधित आधिकारिक गाइडलाइंस का पालन कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

