Irregular Periods: महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव कई बार पीरियड्स (Menstrual Cycle) को प्रभावित करते हैं. इसी से जुड़े सवालों का जवाब दे रही हैं Dr. Uma Mishra, जो Motherhood Hospital में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं.
सबसे पहले बात करें Irregular Periods की. अगर पीरियड्स समय पर नहीं आते या कभी जल्दी-कभी देर से आते हैं, तो इसे अनियमित माना जाता है. ऐसी स्थिति में ओव्यूलेशन प्रभावित हो सकता है, जिससे प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि प्रेग्नेंसी असंभव है. सही इलाज और लाइफस्टाइल सुधार से फर्टिलिटी बेहतर की जा सकती है. नॉर्मल पीरियड साइकिल 21 से 35 दिनों के बीच होता है और ब्लीडिंग आमतौर पर 2 से 7 दिन तक रहती है. अगर इससे ज्यादा या कम हो रहा है, तो यह किसी समस्या का संकेत हो सकता है.
Irregular Periods होने के पीछे का क्या कारण?
पीरियड्स गड़बड़ होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे हार्मोनल असंतुलन, PCOS, थायरॉयड, तनाव, अचानक वजन बढ़ना या घटना, और खराब लाइफस्टाइल. आजकल नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि नींद की कमी हार्मोन पर असर डालती है.
कई महिलाएं सोचती हैं कि Irregular Periods का मतलब Menopause है, लेकिन यह सही नहीं है. मेनोपॉज एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो आमतौर पर 45–50 साल की उम्र में होती है. कम उम्र में पीरियड्स अनियमित होना किसी बीमारी या हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.
Heavy Bleeding भी एक गंभीर समस्या हो सकती है. इससे शरीर में खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी, चक्कर और थकान हो सकती है. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर सही इलाज करना जरूरी है.
अंत में, पीरियड्स में किसी भी तरह की गड़बड़ी को नजरअंदाज न करें. सही समय पर जांच और इलाज से आप अपनी सेहत और फर्टिलिटी दोनों को बेहतर बना सकती हैं.
यह भी देखें: 40+ की महिलाएं लाइफस्टाइल पर दें खास ध्यान, दिल की बीमारियां रहेंगी दूर


