Is it safe to buy cut fruit: डाइट में फलों का सेवन हर कोई करता है. मौसम चाहे कैसा भी हो फल नहीं छूटनें चाहिए. लेकिन वहीं अगर बात मानसून के मौसम की हो रही हो तो हम कहेंगे कि इस सीजन में आपको थोड़ी-सी सावधानी बरतने की जरूरत है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि मानसून के मौसम में कटे हुए फलों का सेवन आखिर क्यों नहीं करना है.
दरअसल कई लोग बाजार से खुले में बिकने वाले कटे हुए फलों को खरीदकर खाते हैं. ये उनको बड़ा आसान लगता है, लेकिन सेहत के लिहाज से कटे हुए फलों का सेवन करना खतरनाक हो सकता है. खसतौर पर बरसात के मौसम में, क्योंकि इस मौसम में वातावरण में नमी पहले से मौजूद होती है. ऐसे में बैक्टीरिया के पनपने का खतरा ज्यादा रहता है. इस कारण फूडबोर्न इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.
कटे हुए फलों का सेवन सुरक्षित नहीं
कटे हुए फलों का सेवन करने से आप बीमारी के शिकार हो सकते हैं. क्योंकि फलों की बाहरी परत छिलका फलों का सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. यह फल के अंदरूनी हिस्से को धूल, गंदगी, कुछ सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया/फंगस) और बाहरी दूषित चीजों से बचाने में मदद करता है. वहीं जब फल काट दिया जाता है, तो यह सुरक्षा कवच हट जाती है और अंदर का गूदा हवा, हाथों, चाकू या आसपास की सतहों के संपर्क में आ जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इस स्थिति में अगर साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए तो कई तरह के बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं. ऐसे में फूज बोर्न जर्म्स का खतरा बढ़ जाता है.
बारिश के मौसम में इसलिए बढ़ जाता खतरा
अगर आप बारिश के दिनों में बाहर से कटो हुए फलों का सेवन करते हैं. तो थोड़ा सतर्क हो जाएं. इसके अलावा अगर आप घर में भी कई देर से कटे हुए फलों का सेवन करते हैं तो भी सतर्क हो जाएं. दरअसल मानसून यानि बारिश को दिनों में कटे हुए फलों का सेवन सुरक्षित नहीं माना जाता. क्योंकि इन दिनों में बैक्टीरिया के जल्दी और तेजी से बढ़ने की आशंका होती है. CDC की रिपोर्ट के मुताबिक, फूड बोर्न जर्म्स कमरे के तापमान पर तेजी से मल्टीप्लाई करते हैं और कुछ ही घंटों में संक्रमण का कारण बना देते हैं.
बैक्टीरिया बढ़ने के कारण
- हवा में नमी का ज्यादा होना.
- तापमान 25–35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना, यह तापमान बैक्टीरिया ग्रोथ के लिए अच्छा होता है.
- खुले में रखे फल जल्दी खराब होते हैं.
- मच्छर और धूल का काफी ज्यादा बढ़ना.
बारिश में बढ़ जाता फूड बोर्न जर्म्स का खतरा
फूड बोर्न जर्म्स ऐसे हानिकारक कीटाणु (बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी) होते हैं, जो दूषित खाना या पानी के जरिए शरीर में पहुंचते हैं और बीमार करते हैं. ऐसे में फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं परेशान करती हैं. फूड बोर्न जर्म्स अक्सर गंदे हाथों, दूषित पानी, खराब तरीके से रखे गए खाने, कच्चे या कटे हुए फलों-सब्जियों और संक्रमित सतहों के जरिए खाने तक पहुंचते हैं. बता दें कि बरसात के मौसम में नमी बढ़ने के कारण कुछ बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. इसलिए कुछ सावधानी रखनी जरूरी है.
बरतें ये सावधानी
- साफ पानी और सैनिटाइज टूल्स से तैयार किया गया हो.
- ठंडे तापमान यानि 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे में फल रखा गया हो.
- खुले में लंबे समय तक न रखा गया हो.
- बिना हाथों के सीधे संपर्क के पैक किया गया हो.
- अगर फल पर चिपचिपापन, बदबू या रंग बदलना दिखे, तो उसे तुरंत नहीं खाना चाहिए.
अगर आप बरसात के मौसम में फलों का सेवन करना चाहते हैं कुछ सावधानी के साथ इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. ऐसे में आप सुरक्षित फलों का सेवन कर सकेंगे और बीमारियों से भी बचें रहेंगे. कुछ सावधानी को अपनाने से आप खुद को और अपने आसपास के लोगों को बीमार होने से बचा सकते हैं.
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FAQs
सवाल: कटे हुए फल खरीदना कितना सुरक्षित होता है?
जवाब: कटे हुए फल हमेशा पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते, क्योंकि खुले में रखे फलों पर धूल, गंदगी और बैक्टीरिया आसानी से जमा हो सकते हैं. लंबे समय तक कटे हुए फल रखने से उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
सवाल:बरसात के मौसम में कटे हुए फलों से संक्रमण का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
जवाब: बरसात में नमी और गर्म वातावरण के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं. खुले में रखे कटे फल जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.
सवाल:कटे हुए फल खाने से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: कोशिश करें कि हमेशा ताजे और साबुत फल खरीदें और उन्हें खाने से पहले खुद काटें. अगर कटे हुए फल लेने पड़ें तो साफ जगह से लें, उन्हें लंबे समय तक खुला न रखें और खराब गंध, रंग बदलने या नरम पड़ने पर उन्हें न खाएं.
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