होमExplainersMental Health and Obesity: आपका मोटापा बिगाड़ सकता है मेंटल हेल्थ! एक्सपर्ट...

Mental Health and Obesity: आपका मोटापा बिगाड़ सकता है मेंटल हेल्थ! एक्सपर्ट से समझें

Mental Health and Obesity: आज के समय में मोटापा (Obesity) दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है. पहले लोग इसे ज्यादा खाने या कम मेहनत से जोड़कर देखते थे.

Mental Health and Obesity: आज के समय में मोटापा (Obesity) दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है. पहले लोग इसे ज्यादा खाने या कम मेहनत से जोड़कर देखते थे. वहीं हेल्थ एक्सपर्ट अब इसे एक गंभीर और लंबे समय तक रहने वाली (क्रॉनिक) बीमारी मानता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर समय रहते मोटापे पर ध्यान न दिया जाए तो यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, फैटी लिवर, किडनी रोग, कैंसर और यहां तक कि मेंटल हेल्थ पर भी असर डाल सकती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2022 में दुनिया भर में 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लगभग 2.5 अरब (250 करोड़) वयस्क ओवरवेट थे, जिनमें से करीब 89 करोड़ (890 मिलियन) लोग मोटापे (Obesity) से जूझ रहे थे. यानी दुनिया में हर 8 में से 1 व्यक्ति मोटापे का शिकार है. इसके अलावा 5–19 वर्ष की आयु के 39 करोड़ से अधिक बच्चे और किशोर भी ओवरवेट थे, जिनमें 16 करोड़ से अधिक मोटापे से प्रभावित थे. भारत में भी स्थिति तेजी से बदल रही है. हाल के आंकड़ों के अनुसार, करीब 25% भारतीय वयस्क ओवरवेट या मोटापे की श्रेणी में आते हैं, जिससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और फैटी लिवर जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में इस बड़े मुद्दे पर फिट रहे इंडिया ने एक्सपर्ट से खास बातचीत की है. जिन्होंने मोटापे से जुड़े सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में समझाया है.

मोटापा सिर्फ ज्यादा खाने से नहीं होता

अक्सर लोग कहते हैं, “मैं तो बहुत कम खाता हूं, फिर भी मेरा वजन नहीं घटता.” यह बात कई मामलों में सही हो सकती है. डॉक्टरों के मुताबिक, मोटापा केवल डाइट और एक्सरसाइज का मामला नहीं है. इसके पीछे दूसरे कई कारण भी हो सकते हैं, जैसे जेनेटिक (वंशानुगत) कारण, हार्मोनल गड़बड़ी, तनाव, खराब नींद, बैठकर काम करने वाली जीवनशैली और कुछ दवाओं का असर. इसलिए हर व्यक्ति का वजन एक ही तरीके से कम नहीं होता.

WHO अब मोटापे को बीमारी मानता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मोटापा एक क्रॉनिक, प्रोग्रेसिव और दोबारा होने वाली बीमारी है. यानी यह धीरे-धीरे बढ़ती है और अगर इलाज या जीवनशैली में सुधार न किया जाए तो वजन फिर से बढ़ सकता है. इसलिए मोटापे का इलाज केवल कुछ दिनों की डाइटिंग नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ आदतें अपनाने से संभव है.

क्या सिर्फ घर का खाना खाने से वजन नहीं बढ़ता?

यह एक बड़ा भ्रम है. घर का खाना विशेष रूप से बाहर के जंक फूड से बेहतर होता है, लेकिन अगर आप जरूरत से ज्यादा मात्रा में खाते हैं, तो वजन बढ़ा सकता है. उदाहरण के लिए, चार रोटियां, ज्यादा चावल या अधिक घी-तेल वाली सब्जियां भी शरीर में एक्सट्रा कैलोरी पहुंचाती हैं. वजन कम करने का सबसे बड़ा नियम है कि जितनी कैलोरी शरीर खर्च करता है, उससे कम कैलोरी लें.

पेट की चर्बी सबसे ज्यादा खतरनाक

एक्सपर्ट का कहना है कि केवल वजन बढ़ना ही समस्या नहीं है, बल्कि पेट के आसपास जमा चर्बी (Abdominal Obesity) ज्यादा खतरनाक होती है. यही चर्बी हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर का खतरा बढ़ाती है. इसलिए केवल वजन नहीं, बल्कि कमर का घेरा (Waist Circumference) की जांच करना भी जरूरी है. भारतीयों में पुरुषों की कमर 90 सेंटीमीटर और महिलाओं की 80 सेंटीमीटर से अधिक होने पर ये स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है.

क्या पतला इंसान हमेशा स्वस्थ होता है?

इसका जवाब है, नहीं. कई लोग देखने में दुबले-पतले होते हैं, लेकिन उनके शरीर में अंदरूनी चर्बी (Visceral Fat) ज्यादा हो सकती है. ऐसे लोगों को भी डायबिटीज, हार्ट डिजीज या फैटी लिवर का खतरा हो सकता है. इसलिए केवल शरीर का आकार देखकर स्वास्थ्य का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता.

मोटापा किन बीमारियों का कारण बन सकता है?

मोटापा शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित कर सकता है. इससे टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, फैटी लिवर, किडनी की बीमारी, जोड़ों का दर्द, सांस की तकलीफ, स्लीप एपनिया, पीसीओडी, बांझपन और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि डॉक्टर अब मोटापे का इलाज शुरुआती चरण में ही करने की सलाह देते हैं.

कब दवा या इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है?

अगर सही डाइट, रोजाना की एक्सरसाइज और जीवनशैली में बदलाव के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा या मोटापे के साथ डायबिटीज, फैटी लिवर या अन्य गंभीर बीमारियां हैं, तो डॉक्टर दवा या GLP-1 आधारित इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं. ये दवाएं भूख कम करने, इंसुलिन की कार्यक्षमता सुधारने और वजन घटाने में मदद करती हैं. हालांकि इन्हें केवल डॉक्टर की निगरानी में ही लेना चाहिए, बिना सलाह के इनका इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है.

क्या मोटापा पूरी तरह ठीक हो सकता है?

मोटापा कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए धैर्य और निरंतर प्रयास जरूरी है. केवल कुछ दिनों की डाइटिंग या दवा लेने से स्थायी परिणाम नहीं मिलते. अगर व्यक्ति स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और तनाव नियंत्रण जैसी आदतें लंबे समय तक अपनाता है, तो वजन को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है.

यह समझना जरूरी

मोटापा केवल शरीर का बढ़ा हुआ वजन नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर वजन लगातार बढ़ रहा है या पेट की चर्बी ज्यादा है, तो समय रहते डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा. सही डाइट, रोजाना की एक्सरसाइज, भरपूर नींद और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्टी की राय लेने से आप मोटापे को आसानी से कंट्रोल में ला सकते हैं. ध्यान रहे कि वजन घटाने के लिए शॉर्ट कट नहीं बल्कि सही तरीका सेहत के लिहाज से सही माना जाता है.

यह भी पढ़ें: शरीर पर सफेद दाग! क्या छूने से भी फैल जाती है ये बीमारी? जानें विटलिगो के लक्षण

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

author avatar
Surbhi . Content Writer
लिखने-पढ़ते लिखने की रूचि पैदा हुई. पिछले 1 साल से मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं. फिलहाल फिट रहे इंडिया के साथ बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले जनता टीवी में सोशल मीडिया डिपार्टमेंट में काम किया. उन्हें लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ से जुड़े विषय में लिखने-पढ़ने और नई चीजें जानने का खूब शौक है.
Surbhi .
Surbhi .
लिखने-पढ़ते लिखने की रूचि पैदा हुई. पिछले 1 साल से मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं. फिलहाल फिट रहे इंडिया के साथ बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले जनता टीवी में सोशल मीडिया डिपार्टमेंट में काम किया. उन्हें लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ से जुड़े विषय में लिखने-पढ़ने और नई चीजें जानने का खूब शौक है.
RELATED ARTICLES

Baby Teething Symptoms: दांत निकलते समय बच्चा क्यों रोता है? जानें चिड़चिड़ापन कम करने के आसान और सुरक्षित उपाय

Baby Teething Symptoms: जानें दांत निकलते समय बच्चे क्यों रोते और चिड़चिड़े हो जाते हैं. एक्सपर्ट्स के बताए सुरक्षित उपाय और देखभाल के आसान टिप्स.

World IVF Day 2026: कब कराना चाहिए IVF? जानिए किसे होती है जरूरत, सफलता किन बातों पर करती है निर्भर

World IVF Day 2026: IVF क्या है, किन लोगों को इसकी जरूरत पड़ती है, कब फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए और सफलता किन बातों पर निर्भर करती है, जानिए.

सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन! 26 दिनों बाद खाना खाने पर क्या असर पड़ता है?

Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike: सोमम वांगचुक ने 26 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म की. जानिए लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक खाना खाने से शरीर पर क्या असर पड़ता है और रीफीडिंग सिंड्रोम क्या है.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

जमीन पर बन रही थी सोया चाप, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप!

Soya Chaap Viral Video: सोया चाप बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें हाइजीन को लेकर सवाल उठे हैं. जानें क्या है पूरा मामला, फूड सेफ्टी विभाग ने क्या कार्रवाई की और किन बातों का रखें ध्यान.

बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं Expert

Bukhar Mein Nahana Chahiye Ya Nahi: क्या बुखार में नहाने से बुखार बढ़ जाता है? जानें डॉक्टरों की सलाह, कब गुनगुने पानी से नहाना सुरक्षित है और किन परिस्थितियों में नहाना टाल देना चाहिए.

खाना नहीं खा पा रही एक्टर दीपिका कक्कड़, जानें हेल्थ अपडेट, देखा पूरा वीडियो

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: सेहत की खबर फिट रहे इंडिया में हम जानेंगे आज की तीन बड़ी खबरों के बारे में.

घर-मंदिरो में जलने वाली धूपबत्ती से हो सकता है Air Pollution! Dr. Arvind Kumar से जानें

Lung Health Expert: दिल्ली छोड़ देने से प्रदूषण से बचा जा सकता है? पहाड़ी इलाकों की हवा भी अब पहले जैसी शुद्ध नहीं रही? डॉ. ने कई मिथकों का खुलासा किया.

Recent Comments