Back Walk Benefits: आप सभी कभी न कभी बचपन में उल्टा जरूर चले होंगे. चलना तो सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. वहीं उल्टा चलने के भी अपने ही फायदे हैं. ये आपकी फिटनेस से खासतौर पर जुड़ी हुई है. रिसर्च उल्टा चलने के अनेकों फायदे बताते हैं. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि उल्टा चलने के अनगिनत फायदे.
बैक वॉक यानी पीछे की ओर चलना. यह एक आसान लेकिन प्रभावी एक्सरसाइज में आती है. अगर आप सुबह की सैर पर जाते हैं तो सीधा तो चलते ही होंगे लेकिर अगर आपको बेहतर फिट दिखना है तो आप बैक वॉक भी करें. ये सीधा चलने की तुलना में ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है.
बैक वॉक के फायदे
पैरों की मांसपेशियां मजबूत
Nature में छपी रिपोर्ट कहती है कि अगर आप बैक वॉक एक्सरसाइज करते हैं तो इससे मांसपेशियों में मजबूती आती है. क्योंकि
बैक वॉक के दौरान क्वाड्रिसेप्स (जांघों के आगे की मांसपेशियां), हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स अलग तरीके से काम करते हैं. इससे निचले शरीर की ताकत मिलती है और मसल्स पेन रिलैक्स होता है.
बैलेंस में सुधार
मांसपेशियों की मजबूती के अलावा बैक वॉक की प्रैक्टिस शरीर का बैलेंस सुधारने में भी मदद करती है. जब व्यक्ति पीछे की तरफ चलता है तो शरीर पीछे की ओर आने वाले दृश्य को देखते हुए चलता है ऐसे में ये एडजस्टमेंट बैलेंस सुधारने में मदद करते हैं. दरअसल दिमाग और शरीर के बीच बैलेंस सुधरता है.
घुटनों के दर्द में आराम
एक अलग PubMed रिपोर्ट के मुताबिक उल्टा चलने से घुटनों के दर्द में भी आराम देता है. रिसर्च बताती है कि जब घुटनों के गठिया वाले लोगों ने बैक वॉक किया, उन्हें दर्द में आराम मिला
बैक वॉक पर रिसर्च क्या कहती है?
रिसर्च के अनुसार, बैक वॉक (Backward Walking) सामान्य वॉक की तुलना में शरीर से अधिक ऊर्जा खर्च करवा सकती है और संतुलन, समन्वय (कोऑर्डिनेशन) और पैरों की मांसपेशियों को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है. कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित बैक वॉक से घुटनों के सामने वाले हिस्से पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है, इसलिए यह कुछ लोगों में घुटनों की कार्यक्षमता सुधारने वाले व्यायाम का हिस्सा बन सकती है. इसके अलावा, यह चाल (Gait), बैलेंस और कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस में भी सुधार से जुड़ी पाई गई है. हालांकि, यह सभी के लिए उपयुक्त नहीं है। बैक वॉक हमेशा सुरक्षित और समतल जगह पर करें तथा किसी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें.
बैक वॉक कैसे करें?
बैक वॉक हमेशा समतल, साफ और सुरक्षित जगह पर करें, जहां फिसलने या ठोकर लगने का खतरा न हो. शुरुआत में सीधे खड़े होकर शरीर को संतुलित रखें और छोटे-छोटे कदम पीछे की ओर बढ़ाएं. सिर और गर्दन सीधी रखें, शरीर को आगे या पीछे ज्यादा न झुकाएं और हाथों को सामान्य वॉक की तरह हिलाते रहें. शुरुआत 2–5 मिनट से करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 10–15 मिनट तक ले जाएं. अगर आप पहली बार बैक वॉक कर रहे हैं, तो किसी साथी की निगरानी में या पार्क के ट्रैक पर प्रैक्टिस करें. चक्कर, दर्द या असहजता महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

