New Drug Rule: केंद्र सरकार ने कफ सिरप और अन्य सिरप वाली दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब मेडिकल स्टोर पर कफ सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची (Prescription) दिखाना जरूरी होगा. बिना डॉक्टर की सलाह के ये दवाएं नहीं बेची जा सकेंगी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 9 जून को एक अधिसूचना जारी कर ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन किया है. इस बदलाव के तहत सिरप आधारित दवाओं को उन दवाओं की सूची से हटा दिया गया है जिन्हें पहले कुछ नियामकीय छूट मिली हुई थी. अब कफ सिरप समेत सभी सिरप दवाओं की बिक्री पर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की शर्त लागू होगी.
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
पिछले कुछ वर्षों में भारत में बनी कुछ कफ सिरप दवाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. कई देशों में दूषित (Contaminated) कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे. इसके अलावा कोडीन युक्त कफ सिरप के नशे के लिए दुरुपयोग और अवैध कारोबार की घटनाएं भी बढ़ी हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है.
कोडीन सिरप के दुरुपयोग ने बढ़ाई चिंता
कई राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध बिक्री के मामले सामने आ चुके हैं. हाल ही में मुंबई में पुलिस ने लाखों रुपये की कोडीन सिरप की बोतलें जब्त कीं. वहीं जम्मू-कश्मीर में भी बड़ी मात्रा में ऐसी सिरप बरामद की गई थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था.
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
अब यदि किसी व्यक्ति को खांसी या संबंधित बीमारी के लिए कफ सिरप खरीदनी है, तो उसे पहले डॉक्टर से परामर्श लेना होगा और प्रिस्क्रिप्शन दिखाना होगा. इसका उद्देश्य दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
यह भी पढ़ें: Sanchita Suicide Case: कम उम्र में क्यों बढ़ते जा रहे हैं युवाओं में सुसाइड के मामले? जानें कारण
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

