NFHS Survey Data 2026: अच्छे खाने के लिए और अच्छी लाइफस्टाइल के लिए हम कितना कुछ कर रहे हैं. ताकि हमें कोई बीमारी न छू सके. कुछ लोग एक्ट्रा सेफ्टी के लिए हेल्थ इंश्योरेंस करवा लेते हैं. ताकि अगर कभी बीमारी की चपेट में आए भी तो इलाज बोझ न लगे और आसानी से ही इलाज हो पाए. क्योंकि आज का समय काफी खराब है. समय खराब से अर्थ है लोगों का लाइफस्टाइल, काफी ‘नासाज’ हो गया है. जिसे देखते हुए ये कदम जरूरी भी हो जाता है.
इसपर एक सरकारी हेल्थ डेटा भी सामने आया है. ये हेल्थ डेटा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे यानी NFHS-6 की ओर से जारी किया गया. बड़ी रिपोर्ट सामने आई है. जिसमें स्वास्थ्य से संबंधित तमाम लेखे-जोखे का खुलासा हुआ है. रिपोर्ट कहती है कि अब भारत में करीब 60.2 प्रतिशत परिवार में कम से कम एक सदस्य ऐसा है जिसके पास या तो कोई हेल्थ इंश्योरेंस या फिर सरकारी हेल्थ स्कीम मौजूद है. यानी डेटा अच्छी खबर देती है. ये रिपोर्ट बताती है कि देश की आधे से अधिक परिवार बीमारी के समय होने वाले अचानक खर्चों से काफी हद तक सेफ हैं. जो खुशखबरी ही है.
पुराने आंकड़ों पर करें गौर
अब जरा एक सरसरी नजर पुराने आंकड़ों पर घुमा लेते हैं. क्योंकि ऐसा नहीं है कि इस तरह का सर्वे पहली बार हुआ है. इससे पहले भी ऐसे सर्वे हो चुके हैं. साल 2019 से 21 के आंकड़ें बताते हैं कि उस दौरान केवल 41 प्रतिशत ऐसे परिवार थे जिनके पास हेल्थ इंश्योरेंस होता था. अब लोगों में जाग्रुकता बढ़ी तो आंकड़ां भी बढ़कर सीधे 60. 2 प्रतिशत तक पहुंच गया. ये आंकड़ों में पिछले कुछ सालों में ही 20 प्रतिशत का उछाल आ गया है. जो अच्छी बात है. ये दर्शाता है कि लोग अपनी हेल्थ की सुरक्षा कर रहे हैं. इस सर्वे रिपोर्ट में आपको बताएं कि देश के 715 जिलों के करीब 6.79 लाख घरों का डेटा लिया गया है. यानी डेटा मामूली नहीं है.
कैसे अचानक तेजी आई?
ये भी जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर अचानक तेजी कैसे आ गई? इसपर हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये बदलाव की बड़ी वजह है सरकार की फ्री और सस्ती हेल्थ योजनाएं. इन योजनाओं में आयुष्मान भारत योजना और कई राज्यों की ओर से अपनी स्कीम चलाई जा रही है. साथ ही सभी जानते हैं कि कोरोना के समय में लोगों ने कितनी परेशानी झेलीं. अपनों को खोया जिसके बाद लोगों के सोचने का तरीका भी काफी बदला है. लोगों को ये तो समझ आ गया है कि लाइफ इंश्योरेंस काफी जरूरी है.
खुश कर देगी आपको ये रिपोर्ट
वहीं इस रिपोर्ट में सिर्फ इंश्योरेंस की जानकारी नहीं है बल्कि बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी बेहतरीन जानकारी सामने आई है. जानकारी है कि अब 90 प्रतिशत डिलिवरी अब अस्पालों में सेफ तरीके से हो रही हैं. जो काफी अच्छी बात है, समय रहते बच्चों को टीके मिल रहे हैं. इस ग्राफ में भी काफी सुधार देखा जा रहा है. प्रेग्नेंट महिलाओं की जांच और बच्चों के खान-पान पोषण का भी ख्याल रखा जा रहा है. इसमें बढ़ोत्तरी हुई है. हालांकि एक बात चिंता की ओर इशारा करती है वो है मोटापा और खराब लाइफस्टाइल. इनसे जुड़ी बीमारियों पर रोक नहीं हो पा रही क्योंकि इसपर रोक सिर्फ आप ही लगा सकते हैं. सरकार अथक प्रयास कर रही है. लेकिन लाइफस्टाइल में सुधार लाकर आप इन बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं.
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