NHS Walking Challenge: अपनी हेल्थ का ख्याल रखना जरूरी होता है ये तो सभी जानते हैं. लेकिन फॉलो कुछ ही लोग करते हैं. लेकिन अगर सेहत का ख्याल रखने के लिए ही कुछ इनाम मिलना शुरू हो जाए तो लोग कभी सेहत का ख्याल रखने से चूकेंगे नहीं. बीबीसी एक रिपोर्ट के अनुसार NHS इंग्लैंड ऐसा ही कुछ करने का प्लान करने वाला है.
जानकारी है कि अगले साल की शुरुआत में ही NHS मैराथन ए मंथ वॉकिंग चैलंज की शुरुआत करने जा रहा है. इसमें जो लोग हर दिन लगभग 30 मिनट चलेंगे ऐसे अडल्ट्स को इनाम और छूट की पेशकश की जाएगी. हालांकि ये पहली बार है जब ऐसी हेल्थ सर्विस को लोगों के बीच इंट्रोड्यूस किया गया. यानी एक्सरसाइज करने के लिए लोगों को पे किया जाएगा.
मुश्किल होगा टारगेट?
अब क्योंकि टारगेट की बात आई है तो कुछ लोग ऐसा भी मानते हैं कि इसे मुश्किल बनाया जाएगा ताकि पार न किया जा सके. लेकिन ऐसा नहीं है. इसे आसान बनाया जाएगा. बस टारगेट को पूरा करने के लिए रोजाना आपको 30 मिनट वॉकिंग करनी होगी. हर महीने लगभग 26 मील दौड़गें तो ये एक मैराथन के बराबर की दूरी तय हो जाएगी. आपकी इस परफॉमेंस को ऐप, फोन या फिर स्मार्टवॉच के जरिए ट्रैक किया जाएगा. और NHS के अनुसार महीने के टोटल अनलॉक रिवॉर्ड्स को पूरा करने पर डिस्काउंट और दूसरे इंसेंटिव मिल सकते हैं.
क्यों पैदल चलने के लिए दिए जा रहे पैसे?
सबसे बड़ा सवाल कि आखिर चलने के लिए पैसा क्यों दिया जा रहा है. इसका जवाब है कि ये स्कीम इंग्लैंड के 10 साल के हेल्थ प्लान का एक हिस्सा है. इसमें पूर्व ओलंपिक मेडलिस्ट सर ब्रेंडन फोस्टर को पब्लिक फेस बनाया गया है। फोस्टर, जिन्होंने ग्रेट नॉर्थ रन शुरू किया था. उनका कहना है कि ये टास्ट मुश्किल नहीं है. हम सिर्फ ये चाहते हैं कि लोग पैदल चलें.
दरअसल इंग्लैंड का ऐसा मानना है कि देशभर में हर छह में से एक मौत का कारण कम फिजिकल एक्टीविटी से लिंक होता है. एक व्यक्ति अगर एक हफ्ते में 30 मिनट से कम एक्सरसाइज करता है. ये इनएक्टिव की कैटेगरी में गिना जाता है. वहीं साल 2025 को कवर करने वाला एक सर्वे डेटा बताता है कि लगभग एक चौथाई अडल्ट यानी लगभग 12 मिलियन अडल्ट इस कैटेगरी में आते हैं. जिसके चलते इसे एक हेल्थ स्कीम के तहत लागू किया जा रहा है. इसपर फोस्टर कहते हैं कि अगर व्यक्ति हफ्ते में पांच बार सिर्फ 30 मिनट पैदल चलता है तो उसे उसकी लाइफ के एक्स्ट्रा चार साल मिल सकते हैं.
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