Not Of Standard Quality: भारत में दवाओं की क्वालिटी को लेकर सरकार लगातार सतर्क रहती है और इसी कड़ी में हर महीने दवाओं की जांच की जाती है. मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट में कुछ ऐसी दवाओं की पहचान की गई है जो तय मानकों पर खरी नहीं उतरीं.
इसे लेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई. जिसके बाद इस रिपोर्ट को Central Drugs Standard Control Organization (CDSCO) द्वारा जारी किया गया है. सेंट्रल ड्रग्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन यानी (CDSCO) देश में दवाओं की निगरानी करने वाली प्रमुख संस्था है.
48 दवाओं के सैंपल तय मानकों से कम पाए गए
आपको बता दें कि इस जांच के दौरान सेंट्रल ड्रग लैब्स ने 48 दवाओं के सैंपल को “नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी” यानी मानकों से कम पाया. जबकि राज्य स्तरीय लैब्स में 120 दवाओं के सैंपल इसी श्रेणी में आए. इसका मतलब यह है कि इन दवाओं में कुछ जरूरी गुणवत्ता परीक्षण पूरे नहीं हो पाए. हालांकि, यह समस्या केवल उन खास बैच तक सीमित होती है जिनकी जांच की गई है, इसलिए बाजार में मौजूद बाकी दवाओं को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है.
बिहार में पाई गई नकली दवा
वहीं इस रिपोर्ट में एक और गंभीर मामला सामने आया है. जहां बिहार में एक नकली दवा पाई गई. बताया गया कि यह दवा किसी दूसरी कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल करके बिना अनुमति के बनाई गई थी. जिसपर अब बड़ा खुलासा किआ गया है. हालांकि फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है. जिसके बाद इस मामले को लेकर उचित कार्रवाई के भी निर्देश दिए जा चुके हैं.
समय से खराब दवाओं को हटाया जा सके
आपको बता दें कि सरकार और राज्य की एजेंसियां मिलकर इस तरह की जांच नियमित रूप से करती हैं. ताकि खराब या नकली दवाओं को समय रहते बाजार से हटाया जा सके और लोगों की सेहत को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सके.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

