Poha for Diabetes: सुबह जल्दी उठना और जल्दी नाश्ता बना लेना. आज के समय में लोग इसी तरह का लाइफस्टाइल जी रहे हैं. लेकिन रोज सुबह क्या बनाया जाए? भारत के कई घरों में जल्दी बनने वाले खाने में पोहा की डिमांड अधिक होती है. क्योंकि जल्दी बन जाता है, और खाने में भी टेस्टी होता है.
हालांकि डायबिटीज के मरीज या फिर शुगर के मरीज इसका सेवन नहीं कर सकते. अगर ऐसा कहा जाए तो ये काफी हैरानी वाली बात होगी. क्योंकि डायबिटीज और शुगर पेशंट के लिए खाने का एक-एक निवाला सोच समझकर ही देना पड़ता है. एक गलती और शुगर का लेवल बढ़ सकता है. सवाल अब भी यही है कि क्या डायबिटीज और शुगर के मरीज इसका सेवन नहीं कर सकते हैं? इसपर शेफ संजीव कपूर ने बड़ी जानकारी दी है कि आखिर डायबिटीज पेशंट इसका सेवन कर सकते हैं या नहीं.
कैसे तैयार होता है पोहा?
पहले जान लेते हैं पोहे को बनाने का क्या तरीका होता है? आखिर पोहा तैयार कैसे होता है जिसके कारण इसे डायबिटीज पेशंट को परोसने से पहले सोचना पड़ता है. इसका जवाब है कि पोहा असल में चावल को कूटकर और सुखाकर तैयार किया जाता है. यानी ये चावल का ही एक रूप है. लेकिन इसमें कार्बोहाइ़ड्रेट की मात्रा अधिक होती है. जिसे देखते हुए इसे डायबिटीज पेशंट को देने से पहले सोचना पड़ता है.
कार्बोहाइड्रेट से क्या है समस्या? Poha for Diabetes
दरअसल कार्बोहाइड्रेट्स की अधिक मात्रा किसी भी डायबिटीज पेशंट के लिए सेंसिटिव मानी जाती है. क्योंकि ये शरीर में जाकर ग्लोकोज में बदल जाता है. लेकिन, पोहा की एक खासियत इसे साधारण सफेद चावल से अलग बनाती है. जब पोहा तैयार किया जाता है उस दौरान इसे उबाला जाता है और फिर सुखाया जाता है. जिसके कारण इसमें रेजिस्टेंस स्टाक्ट की मात्रा बढ़ जाती है जो डाइजेस्टिव सिस्टम पर असर डालता है. यानी उसे धीमा कर देता है.
हेल्दी नहीं है पोहा
अब शेफ संजीव कपूर की उस बात को जान लेते हैं जिसे उन्होंने एक पोडकास्ट के दौरान कही. उन्होंने पोडकास्ट के दौरान कहा कि खाने पीने की किसी भी चीज को विलेन कह देना ये सही नहीं होगा. ये बात पूरी तरह उसपर निर्भर करती है कि आखिर आप उसे पका कैसे रहे हैं और उसकी क्वांटिटी मैटर करती है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो लोग पोहा को एक हेल्दी ऑप्शन मानते हैं वो गलत है. खासतौर पर ये शुगर के और डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. दरअसल साधारण पोहा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) हाई में आ सकता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक स्पाइक कर सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

