Polio Virus: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सीवेज के सैंपल में गंभीर पोलियो वायरस के मिलने की पुष्टि हुई है. जिसके बाद से ही हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट हो गया है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अतिसंवेदनशील 12 इलाकों में डोर टू डोर सर्वे शुरू कर दिया है.
हालांकि भारत को WHO ने साल 2014 में ही पोलियो मुक्त घोषित कर दिया था. एक बार फिर ये बीमारी सामने आई जिसके कारण इसे लेकर चिंता बढ़ गई है. जानकारी है कि गाजियाबाद में डूंडाहेड़ा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के सैंपल्स की जांच की गई. जिसमें इस वायरस के सामने आने की पुष्टि हुई है.
इन इलाकों का किया जाएगा सर्वे
वहीं ये वायरस सामने आने के बाद हेल्थ टीमें अलर्ट मोड पर हैं. हालांकि वीडीपीवी टाइप-1 की पुष्टि के बाद अब बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, शास्त्रीनगर, राजनगर, दौलतपुरा, न्यू पंचवटी, घुकना, कैला भट्टा, मिर्जापुर, विजय नगर 1 और 2, खैराती नगर पीएचसी और हिंडन विहार में सर्वे किया जाएगा. अब इस वायरस को लेकर चिंता क्यों हो रही है? ये जानना जरूरी है.
किस तरह अटैक करता है ये वायरस?
इस वायरल को लेकर चिंता इसलिए जताई जा रही है क्योंकि ये एक सांक्रमक यानी कंटेजियस बीमारी है. जो तेजी से फैलती है यानी कोई इस वायरस की चपेट में आया और कोई दूसरा व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है तो उसे भी अपनी चपेट में ले लेती है. ये शरीर के नर्वस सिस्टम पर हमला करती है. गंभीर मामलों में पैरालिसिस का भी कारण बन सकती है.
कैसे फैलती है ये बीमारी?
जैसा कि बताया कि ये एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैल सकती है, तो ये भी जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर ये फैलती कैसे है? तो इसका जवाब है कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति के मल, खराब पानी या फिर खाने के जरिए फैल सकता है. क्योंकि गाजियाबाद में पानी में ये वायरस मिला है जो ये संकेत देता है कि ये वायरस किसी ग्रुप में जरूर हो सकता है. मल के जरिए एनवायरोमेंट में पहुंच सकता है और पानी में मिलने लगा है. खुशी की बात ये है कि फिलहाल पोलियो के मरीज सामने नहीं आए हैं. लेकिन फिर भी सतर्क रहना बहुत जरूरी है.
किन लोगों को रखना चाहिए अधिक ख्याल?
ये वायरस सामने आने के बाद इससे सावधानी रखना जरूरी है. इसलिए कुछ जानकारी जानना बहुत जरूरी है जैसे छोटे बच्चे इसकी चपेट में जल्दी और सबसे अधिक आते हैं. पांच साल से कम उम्र में पोलियो का संक्रमण का खतरा भी अधिक रहता है क्योंकि इस उम्र तक उसे टीका नहीं लगा होता. जिन लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ होता उन्हें भी खतरा अधिक होता है, कमजोर इम्यूनिटी जिनकी होती है उन्हें अधिक ख्याल रखना चाहिए, गंदे पानी और गंदगी वाले इलाकों में भी ये तेजी से फैलता है.
यहां जानें पोलियो वायरस के लक्षण| Symptoms Of Polio Virus
अब पोलियो वायरस (Polio Virus) के लक्षणों की अगर बात की जाए तो बुखार आने की समस्या, थकान होने लगती है, सिरदर्द होता है, गले में दर्द रहता है, मतली की समस्या होती है, उल्टी आती है, हाथ-पांव में कमजोरी महसूस होती है, गंभीर मामलों में लकवा मार जाता है. इसलिए अधिक ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है.
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