होमWellnessFitnesswalking speed: आपका दिल कितना फिट? बताएंगी वॉकिंग एक्सरसाइज

walking speed: आपका दिल कितना फिट? बताएंगी वॉकिंग एक्सरसाइज

How is fitness linked to walking speed: Harvard Health Publishing में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसान तेज चलने वाले लोगों का लाइफस्पैन भी अधिक होता है.

How is fitness linked to walking speed: क्या आप रोजाना चलने वाली एक्सरसाइज करते हैं? अगर नहीं तो इस एक्सरसाइज को आप आज से ही अपनी फिटनेस चार्ट में एडऑन कर सकते हैं. क्योंकि ये सबसे आसान और बहतरीन एक्सरसाइज है. इसके करने से दिल से लेकर हड्डियों तक फायदा पहुंचता है. चलना वाली एक्सरसाइज जिसे वॉक कहा जाता है. छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी मॉर्निंग और इवनिंग वॉक आसानी से कर सकते हैं.

दरअसल एक्सपर्ट कहते हैं कि चलने की स्पीड आपकी सेहत से जुड़े कई राजों का खुलासा करेगी. बता दें कि Harvard Health Publishing में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसान तेज चलने वाले लोगों का लाइफस्पैन भी अधिक होता है. अगर आप जानना चाहते हैं कि चलने की स्पीड से क्या-क्या बातें पता चल सकती हैं तो आर्टिकल को पूरा पढ़ें.

चलने की स्पीड बताएगी आप कितने फिट?

दिलफेफड़ों की कार्यक्षमता

वॉकिंग एक्सरसाइज से दिल और फेफड़ों की कार्यक्षमता का भी पता चलता है. अगर आप बिना सांस फूल तेज चलते हैं तो इसका मतलब साफ है कि आपका दिल सही तरीके से काम कर रहा है. आपके दिल की सेहत दुरूस्त है. ये आपके कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम की ओर भी इशारा करता है. गौरतलब है कि अगर कोई व्यक्ति चलने से थकान या फिर उसकी सांसे भूलने लगे तो उसे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम में दिक्कत है. उसका दिल कमजोर है या आर्टरीज ब्लॉक हैं. ऐसे में उसे सतर्क होने की जरूरत है.

कॉग्निटिव फंक्शन

चलने वाली एक्सरसाइज से आपकी मेंटल हेल्थ भी मजबूत होती है. एक्सपर्ट का कहते हैं कि वॉकिंग एक्सरसाइज करने के लिए लिए दिमाग और तंत्रिका तंत्र के बीच संतुलन होना जरूरी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ लोगों में अचानक चलने की गति धीमी हो जाती है. ऐसा डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) या अल्जाइमर के कारण हो सकता है. इसलिए एक्सपर्ट कहते हैं कि धीमी गति से चलना डिमेंशिया या अल्जाइमर का शुरुआती संकेत हो सकता है.

मांसपेशियों की ताकत

एक्सपर्ट कहते हैं कि चलने की स्पीड मांसपेशियों की मजबूती की ओर भी इशारा करती है. बढ़ती उम्र में अगर आप चलने वाली एक्सरसाइज करते हैं तो आपकी मांसपेशियां मजबूत होती है. वहीं आपके गिरने और फ्रैक्टर होने का जोखिम भी कम रहता है. वहीं अगर कोई कम उम्र में धीमी गति से चलता है, तो संभव है कि उनकी मांसपेशियां स्टिफ हो चुकी हों या हड्डियां कमजोर हो चुकी हों. चलने की गति मांसपेशियों की ताकत और हड्डियों की डेंसिटी की ओर भी इशारा करती है.

यह भी पढ़ें: 9 महीने की प्रेग्नेंट महिला ने किए कठिन योगासन, VIDEO पर छिड़ी बहस! क्या गर्भावस्था में योग करना सुरक्षित है?

FAQs

सवाल: क्या चलने की स्पीड से सेहत का पता लगाया जा सकता है?

जवाब: हां, एक्सपर्ट्स के अनुसार चलने की स्पीड व्यक्ति की शारीरिक फिटनेस, मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और हृदय स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है. सामान्य से बहुत धीमी चाल कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है.

सवाल: धीमी गति से चलना किन स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है?

जवाब: लगातार धीमी चाल बढ़ती उम्र में मांसपेशियों की कमजोरी, संतुलन की समस्या, जोड़ों के दर्द, हृदय रोग या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जुड़ी हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि हर धीमा चलने वाला व्यक्ति बीमार है.

सवाल:स्वस्थ रहने के लिए चलने की स्पीड कैसे बेहतर बनाई जा सकती है?

जवाब: नियमित वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सक्रिय जीवनशैली चलने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है. यदि अचानक चलने की गति कम हो जाए या चलने में परेशानी होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

author avatar
Surbhi . Content Writer
लिखने-पढ़ते लिखने की रूचि पैदा हुई. पिछले 1 साल से मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं. फिलहाल फिट रहे इंडिया के साथ बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले जनता टीवी में सोशल मीडिया डिपार्टमेंट में काम किया. उन्हें लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ से जुड़े विषय में लिखने-पढ़ने और नई चीजें जानने का खूब शौक है.
Surbhi .
Surbhi .
लिखने-पढ़ते लिखने की रूचि पैदा हुई. पिछले 1 साल से मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं. फिलहाल फिट रहे इंडिया के साथ बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले जनता टीवी में सोशल मीडिया डिपार्टमेंट में काम किया. उन्हें लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ से जुड़े विषय में लिखने-पढ़ने और नई चीजें जानने का खूब शौक है.
RELATED ARTICLES

बरसात के मौसम में शरीर में दर्द क्यों होता है? कम करने के 5 टिप्स

5 Tips to Reduce Body Pain and Stiffness During the Monsoon: कई लोगों को बारिश के दिनों में शरीर में अकड़न-जकड़न की समस्या रहती है.

Cancer Survivors: मेंटल हेल्थ कम करने में मदद करेगा स्मार्टफोन, नई स्टडी के दावे

Digital Mental Health Treatment: जब कई मरीजों तक समय पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंच पाती तो यह गंभीर स्थिति बन सकती है.

ग्लोइंग स्किन के लिए सिर्फ 2 मिनट ही काफी, ऐसे करें स्किन केयर

Glowing Skin hacks: चेहरा धोना के बाद 2 मिनट अगर आप सही तरीके से स्किन केयर करते हैं तो आप ग्लोइंग स्किन बरकरार रख सकते हैं.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

क्या होता है यूरिक एसिड? जानें बढ़ जाए तो कैसे कर सकते हैं कंट्रोल

High Uric Acid Symptoms: यूरिक एसिड क्या होता है, क्यों बढ़ता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इसे कैसे कंट्रोल करें? जानिए डाइट, वजन और लाइफस्टाइल से जुड़े जरूरी उपाय.

ऐसे बनाएं रिच प्रोटीन ब्रेकफास्ट, मिनटों में होगा तैयार

High Protein Breakfast: सुबह का नाश्ता पूरे दिन की एनर्जी का काम करता है. इसलिए गलती से भी सुबह का नाश्ता स्किप नहीं होना चाहिए.

खांसी हो रही है तो कब पीना चाहिए कफ सिरप? जानें कब पड़ती है दवा की जरूरत

Khansi Mein Cough Syrup Kab Peena Chahiye: : खांसी शुरू होते ही कफ सिरप पीना सही है या नहीं? जानें सूखी और बलगम वाली खांसी में क्या फर्क है, कब दवा लेनी चाहिए और किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है.

जमीन पर बन रही थी सोया चाप, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप!

Soya Chaap Viral Video: सोया चाप बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें हाइजीन को लेकर सवाल उठे हैं. जानें क्या है पूरा मामला, फूड सेफ्टी विभाग ने क्या कार्रवाई की और किन बातों का रखें ध्यान.

Recent Comments